REET पेपर लीक: ग्रुप बनाकर सॉल्व किया पेपर, फिर बेचा दलालों और रिश्तेदारों को
REET पेपर लीक मामले में अब एसओजी को बड़ी कामयाबी मिलती दिख रही है और वकील मनोज विश्नोई ने पत्नी को REET में पास करवाने के लिए पेपर खरीदा था। इसके बाद उसने इस पेपर को उस पेपर को दलालों और रिश्तेदारों को बांट दिया। इस मामले में भजनलाल सहित अन्य दलालों की तलाश है।
पेपर बड़ी संख्या में अभ्यार्थियों तक पहुंच गया और इसके लिए 8-10 लोगों के ग्रुप बना कर पेपर सॉल्व करवाया गया। इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली गयी थी। अब SOG मनोज सहित कई लोगों की तलाश कर रही है जो पेपर को अन्य लोगों तक पहुंचाया है। ठेकेदार भजनलाल, उसकी भतीजी की गिरफ्तारी के बाद पेपर लेने वाले अंडरग्राउंड हो गए हैं।
एसओजी के अनुसार पेपर लीक करने वाले गैंग को इंटरनेट बंद होने का अंदेशा होने की वजह से 5-10 दिन पहले ब्रॉडबैंड डोंगल खरीद लिए थे। इसके बाद डोंगल से वाईफाई कनेक्ट करके 8-10 जगह पर 10-20 लोगों का ग्रुप बनाकर पेपर को हल करने के बाद अभ्यर्थियों दिया गया और इसके बदले में लाखों रूपए भी लिए।

रीट भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने ओर सीबीआई से जांच कराने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका लगाई गयी है। जस्टिस महेंद्र गोयल की खंडपीठ अब 8 फरवरी को इन सभी पर एक साथ सुनवाई होगी। सरकार भर्ती को रद्द करने के पक्ष में नहीं है लेकिन बीजेपी इसको लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है।





