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राधा-कृष्ण की अधूरी प्रेम कहानी की जानें पूरी सच्चाई

प्रकाशित: Aug 19, 2022 20:16रिपोर्ट: Navtej TV

राधा-कृष्ण को प्रेम का प्रतीक माना जाता है लेकिन क्या कभी आपने ये जानने की कोशिश की राधा-कृष्ण का मिलन कैसे हुआ और राधा कृष्ण के बिना तो कृष्ण राधा के बिना अधूरे है फिर भी इन्होने शादी क्यों नहीं की। आज पूरे देश में जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जा रहा है प्रेम का प्रतीक माने जाने वाले राधा.कृष्ण की शादी ना करने के बावजूद भी एक साथ पूजा की जाती हैए राधा.कृष्ण में इतना प्रेम होते हुए भी शादी ना करने की वजह क्या रही है और इनकी प्रेम कहानी और जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से क्या है देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।

राधा-कृष्ण अधूरी प्रेम कहानी से लोग आज भी है अंजान, पहली बार जानें इसकी सच्चाई!

माना जाता है कि जब भगवान कृष्ण 4.5 साल के थेए तो पिता के साथ खेतों में गाय चराने गए थे तभी अचानक आई तेज बारिश की वजह से कृष्ण जी ने रोना शुरू कर दियाए पिता ने कृष्ण जी को कसकर गले से लगायाए अब कृष्ण जी के पिता के सामने परेशानी ये खड़ी हो गई कि अपने बेटे की देखभाल करे या फिर गायों कए तभी उनके पिता को एक सुन्दर कन्या वहां आते हुए दिखाई दी तो उन्होंने अपने बेटे कृष्ण की देखभाल के लिए उस कन्या से कहा तो वो कृष्ण जी की देखभाल के लिए तैयार हो गई और नंद जी गायों को लेकर अपने घर चले गए।

कृष्ण जी के पास बैठी उस लड़की को उन्होने एक युवक के रूप में दर्शन दिए जो नारंगी रंग के कपड़े में सिर पर मोखपंख लगाए हुए और हाथ में बांसुरी पकड़ी हुए थेए कृष्ण जी ने उस लड़की से पूछा कि क्या तुम्हें ऐसा प्रसंग याद है कि पहले भी कभी तुमने देखा हो तो उस लड़की ने जवाब दिया कि हां उसने जब स्वर्ग में थे तब ऐसा देखा थाए क्योंकि वो ही कृष्ण की राधा हैए इस तरह दोनों का पहली बार मिलन हुआ और इस दोनों की मुलाकात शुरू हो गई। मान्यताओें के अनुसार कहा जाता है भगवान कृष्ण और राधा का रिश्ता शारीरिक नहीं बल्कि भक्ति का एक शुद्ध रूप था। इसी वजह से कहा जाता है कि दोनों ने शादी ना करने का फैसला किया क्योंकि प्रेम और विवाह एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। दोनों ने एक.दूसरे से शादी न करके प्रेम की परम भक्ति को पूरे विश्व के सामने रखा।


वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार ये भी कहा जाता है राधा जी खुद को कृष्ण जी के लिए सही नहीं मानती थीं क्योंकि वो एक गाय चराने वाली थी इसलिए वो भगवान कृष्ण से शादी ना करने के फैसले पर अटल थीं और एक दूसरी मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण और राधा एक दूसरे को एक ही आत्मा मानते थे इसलिए वो अपनी ही आत्मा से कैसे शादी कर सकते हैं।