रेप पीड़िता के पक्ष में उतरी दिव्या मदेरणा,मंत्री जोशी नहीं देंगे इस्तीफा!
जलदाय मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी के खिलाफ रेप का केस दर्ज होने के बाद से उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा हो रही है। इस मामले में कांग्रेस के कई नेताओं ने उनका साथ दिया है और कहा है कि जांच होने से पहले किसी प्रकार का बयान देना उचित नहीं है। क्योंकि एफआईआर दर्ज होने से आरोपी नहीं होता और इस मामले में पीड़ित लड़की को हर प्रकार का सहयोग दिया जाएगा।
इस बीच मंत्री जोश ने भी पीड़िता को न्याय दिलाने का वादा किया है और कहा है कि मैं पूरी कोशिश करूंगा की उसे जल्द से जल्द न्याय मिले। लेकिन इस बीच जोशी पर कटाक्ष करने वाली कांग्रेस विधायक और पूर्व जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा की बेटी दिव्या मदेरणा ने पीड़िता का पक्ष लिया है। दिव्या ने चार ट्वीट करके राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है।
बेटे पर रेप के आरोप पर मंत्री महेश जोशी का बड़ा बयान, जल्द लेंगे ये बड़ा फैसला!
दिव्या मदेरणा ने कहा जब पीड़िता ने राजस्थान पुलिस को इस बारे में शिकायत की तो उन्होंने FIR दर्ज किसके कहने पर नहीं की जो कई सवाल खड़े करता है। FIR दर्ज करने से मना करने वाले अधिकारियों पर विभागीय जांच के आदेश देने चाहिए। ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब दिव्या ने जोशी के खिलाफ बोला है वह इससे पहले भी विधानसभा के दौरान जोशी पर जमकर हमला बोला था।
जोशी पर इस्तीफा का दबाव बनाया जा रहा है लेकिन कांग्रेस ने साफ कह दिया है कि बेटे की गलती है तो जांच होगी और इसके बाद सच्चाई सामने आएगी। अगर आरोप साबित होते है तो बेटे को सजा मिलेगी इसमें पिता की कोई गलती नहीं है। जब केंद्रीय गृह मंत्री के बेटे ने लोगो की जान ली तो उन्होंने अपना इस्तीफा नहीं दिया तो जोशी भी इस्तीफा नहीं देंगे। जोशी एक साफ छवि के नेता है और इसी वजह से पार्टी उनके साथ खड़ी है अगर उनका इस्तीफा होता है तो बीजेपी को हमला करने का मौका मिलेगा और कांग्रेस ऐसा मौका नहीं देगी।

दिव्या ने आगे लिखा- DGP और राजस्थान पुलिस को पीड़िता व उसके परिवार को उनके राजस्थान के पैतृक निवास पर सुरक्षा उपलब्ध करवानी चाहिए। हमारी सरकार बहुत संवेदनशील है, लेकिन पुलिस को त्वरित एक्शन लेना चाहिए। इस केस ने राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा के महेश जोशी के बेटे के खिलाफ खड़े होने से अब जलदाय मंत्री पर उनकी ही पार्टी में सवाल उठने से जोड़कर देखा जाएगा। इसे महेश जोशी पर इस्तीफा देने का प्रेशर बनाने से जोड़कर देखा जा रहा है। खुद की पार्टी के विधायक के सवाल उठाने से अब महेश जोशी पर उनके विरोधी और आक्रामक होंगे।





