लंपी का कहरः गांव व ढाणिायों में गाय-बछड़ों के शवों के लगे ढेर, दूध का संकट भी बढ़ा
राजस्थान में इन दिनों लंपी का कहर इस कदर कहर ढहा रहा है कि गांव से लेकर शहरों तक लाशों के ढेर लग गए है। सरकार हर प्रकार की मदद का दावा कर रही है लेकिन हकिकत इससे परे है और लोगों को अब दूध का संकट भी झेलना पड़ रह है।
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सरकारी आंकड़ो की बात करें तो लंपी कहर ज्यादा नहीं है लेकिन अब तक लाख से ज्यादा पुशओं की मौत हो चुकी है। लंपी बीमारी का ऐसा महाप्रकोप है कि कई गांवों में दुर्गंध के कारण लोगों जीना बेहाल हो गया है।
जयपुर सहित कई अन्य जिलों में घी और दूध की कमी हो गई है और जल्द ही अब बड़ा संकट देखने को मिलेगा। लंपी का कहर तेजी से शहरों में भी देखने को मिल रहा है और राजधानी के पास वाटिका गांव में भी बड़ी तादाद में यह बीमारी फैल चुकी है। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले ही इसकी दवाई दी है लेकिन इसके बाद भी इस बीमारी का होना उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

राजस्थान में कोरोना काल में जिस तहर से लोगों के मरने की खबरे आ रही थी उसी प्रकार हर गांव से पशुओं के मरने की खबरे आ रही है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 2 महीने में राजस्थान में 35 हजार से ज्यादा गौवंश की मौत हो चुकी हैं लेकिन हकिकत में यह संख्या बहुत ज्यादा है।





