राजनीतिक नियुक्तियों से नाराज हुए पायलट समर्थक, नहीं संभालेंगे पद
राजस्थान में काफी लंबे समय बाद राजनीतिक नियुक्तियों हुई है लेकिन इसके बाद भी पायलट गुट के समर्थक नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। राजनीतिक नियुक्तियों में चेयरमैन के दावेदार कई बड़े नेताओं को मेंबर बनाया गया है जिसके कारण पायलट समर्थक नेताओं ने पद ग्रहण से मना कर दिया है। पायलट समर्थन सुशील आसोपा और राजेश चौधरी ने मेंबर बनने से इनकार कर दिया है और दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी है।
खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि नाराज होने वाले लोगों की संख्या 5 से ज्यादा बतायी जा रही है। यह नई बात नहीं है क्योंकि पायलट और गहलोत गुट में अभी जंग जारी है और इसी वजह से इस प्रकार की बात सामने आ रही है। पायलट अभी चुनावों में व्यस्त है और वह जल्द ही राजस्थान की राजनीति में सक्रिय होंगे।
करणसिंह उचियारड़ा, ज्योति खंडेलवाल, बंजर भूमि विकास बोर्ड सदस्य पूर्व विधायक घनश्याम मेहर भी पद नहीं संभालेंगे। ज्यादातर पायलट समर्थक खुलकर अपनी बात रखने से डर रहे है लेकिन आने वाले दिनों इनकी नाराजगी देखने को मिल सकती है।

बंजर भूमि विकास बोर्ड सदस्य बनाए गए सुशील आसोपा ने ट्वीट करके नाराजगी जाहिर की और कहा मैं 42 महीने पहले सरकारी नौकरी छोड़कर पदों के लिए कांग्रेस में नहीं आया हुं मैं जीवन भर नि:स्वार्थ सेवा करता रहूंगा। टोडाभीम से पूर्व विधायक रहे घनश्याम मेहर भी नाराज हैं। कल 74 राजनीतिक नियुक्तियों में से करीब 20 पायलट समर्थकों को जगह मिली है।





