राजस्थान: गहलोत का वार तो पायलट ने किया बड़ा पलटवार, फिर तेज होने लगी जंग
राजस्थान में कांग्रेस के नेताओं की तनातनी एक फिर शुरू हो गयी है और इसी वजह से उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। पायलट—गहलोत गुट में एक बार फिर जुबानी जंग के साथ आरोप प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए है। पिछले दिनों वैभव गहलोत पर घोटाले के आरोप लगे थे जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसके बाद से विपक्ष ने सीएम गहलोत के साथ उनके बेटे पर जमकर हमला बोला है।
फौजी की पत्नी का मैकेनिक से चल रहा था चक्कर और फिर एक दिन..
लेकिन जब इस मामले पर राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से पूछा तो उन्होंने ऐसे खुलासे किए जिसे सुनकर हर किसी को हैरानी हुई है। पायलट ने कहा कि वैभव को लोकसभा का टिकट देने की पैरवी के लिए सबसे पहला शख्स मैं था लेकिन उस समय आलाकमान वैभव को टिकट देने के पक्ष में नहीं था। पायलट का यह बयान तब आया है जब कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने दावा किया कि सचिन पायलट ने केंद्र में यूपीए-2 सरकार में मंत्री पद पाने के लिए उनसे मदद मांगी थी। लेकिन वह पहले ही मंत्री बनाने की सिफारिश कर चुके थे।

पायलट ने कहा कि मैंने पूरी पैरवी की और राहुल एवं सोनिया जी से कहा कि टिकट वैभव को मिलना चाहिए, हालांकि वह चुनाव नहीं जीत सके। जबकि मध्य प्रदेश में भी कमलनाथ जी के बेटे को टिकट दिया था वह जीत गए थे। वैभवके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों पर पायलट ने कहा कि इसका जवाब वह अच्छे देंगे। लेकिन पायलट के इस बयान से लगा है कि वे गहलोत को जवाब देने में पीछे नहीं रहे हैं।





