सिरोही: 14 साल की उम्र में दिशा की दिवानी हुई पूरी दुनिया
कहते है मन मे कुछ करने की इच्छा शक्ति हो तो कोई कार्य नामुमकिन नहीं। बशर्ते उस कार्य को बड़ी शिद्दत और पूर्ण तन्मयता से किया जाये। आज हम आपको एक ऐसी ही शख्सियत से रूबरू करवाने जा रहें, जिसमें एक ऐसा हुनर है जिसको देख आप भी दंग रह जाएंगे। इतनी कम आयु में कैसे इस शकसीयत ने यह सम्भव कर दिखाया..? जी हा असंभव को संभव करके राजस्थान के सिरोही का मान बड़ाया है दिशा माली ने।
जिन्होंने अल्प आयु में ही 25 भाषाओ में संगीत गायन करके ज़िले के साथ साथ देश व प्रदेश में अलग ही कीर्तिमान स्थापित किया है। सबसे हैरत कि बात तो यह है कि न परिवार में किसी का संगीत से वास्ता रहा न ही इतने संसाधन है दिशा के पास। फिर भी क्या गजब की लय, ताल व संगीत को मूर्त रूप देने की कला है इस बाला में जिसका यह कोई कायल है।
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कौन है दिशा माली।
दिशा माली इस सरकारी विद्यालय में संचालित "The Singing Birds Choir" नामक गायन दल की लीडर है। दो वर्ष पूर्व इस बालिका का संगीत से दूर- दूर तक का कोई वास्ता नहीं था पर आज ये बालिका पच्चीस से अधिक देशी और विदेशी भाषाओं में बखूबी गा सकने का हुनर रखती है। सिरोही शहर के एक सामान्य परिवार में जन्मी दिशा माली के पिता एक टैक्सी चालक है वहीं माँ गृहणी है।
तीन भाई बहिनों में दिशा सबसे बड़ी है जिसकी उम्र 14 वर्ष है। दिशा पढ़ाई में सामान्य ही है और स्वभाव से शर्मीली और सीधी सादी है। दो वर्ष पूर्व संगीत कक्षा से जुड़कर दिशा ने जो उपलब्धि हासिल की है वो उल्लेखनीय व अनुकरणीय है।
दिशा माली इस नन्हीं उम्र में पच्चीस भाषाओं में गा सकती है।जिनमें जापानी, अफ़्रीकी, सिंहली, नेपाली, स्वाहिली, बांग्ला, अंग्रेजी जैसी विदेशी भाषाओं और मलयालम, तेलुगू, तमिल, कन्नड़, मराठी, गुजराती, संस्कृत, मैथिलि, भोजपुरी, अवधी, पंजाबी, राजस्थानी, हिन्दीआदि भाषाओं में स्पष्ट व शुद्ध उच्चारण के साथ ये बालिका गा सकती है।
तुषार राजपुरोहित





