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भद्रा में नहीं बांधी जाती है राखी, जानें इसका कारण नहीं तो होगी मौत!

प्रकाशित: Aug 04, 2022 17:32रिपोर्ट: Navtej TV

भारत एक ऐसा देश है जहां हर त्योहार मनाने की वजह कोई प्राचीन कथा होती है और उसके होने से त्योहार मनाने की परंपरा सालों से चली आ रही है जो आगे भी चलती रहेगी। लेकिन आज हम आपको रक्षा बंधन के त्योहार को लेकर एक ऐसी जानकारी दे रहे है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है।

रक्षाबंधन के दिन हर बहन अपने भाई को रक्षा सूत्र बांधती है और भाई की लंबी उम्र की कामना करती है तो भाई भी बहन की रक्षा करने का वचन देता है। लेकिन राखी बांधने का भी शुभ समय होता है लेकिन इस बार भद्रा होने के कारण आपको राखी बांधने का सही समय पता करना होगा।

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हिंदू पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है और इस बार 11 अगस्त, गुरुवार को यह त्योहार मनाया जाएगा। लेकिन भद्रा मुहूर्त में राखी नहीं बांधनी चाहिए और ऐसा करने से किसी अनहोनी की आंशका बनी रहती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार 11 अगस्त के पूर्णिमा सुबह 10 बजकर 35 मिनट से प्रारंभ होगी और 12 अगस्त तक रहेगी। भद्रा मुहूर्त शाम 5 बजे से 6 बजे तक और इसके बाद रात 8 बजे तक फिर रहेगा। प्राचीन कथा के अनुसार बताया जाता है कि भद्रा काल के समय कभी भी राखी नहीं बांधनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से भाई की मौत होती है।

बताया जाता है कि भद्रा के समय में एक बार रावण ने अपनी बहन से राखी बंधवाई थी तो इसका परिणाम उसको मौत के रूप में भुगतना पड़ा था। इसके बाद से यह मान्यता बन गई की जो भी भद्रा काल में राखी बंधवाएगा उसकी मौत जल्दी होती है और इसी वजह से भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती।