रीट पद 50 हजार नहीं करने पर बेरोजगार करेंगे राहुल गांधी का विरोध
राजस्थान में रीट के अभ्यर्थी रीट 2021 में पदों की संख्या 50 हजार करने की मांग को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। रीट भर्ती में पद बढ़ाने के लिए कांग्रेस के विधायकों के साथ मंत्रियों ने भी इस मांग को सही बताते हुए सीएम गहलोत को पत्र लिखा है और बेरोजगारों को आश्वासन दिलाया है कि उनकी मांग को लेकर सीएम से बात करेंगे। लेकिन बेरोजगार युवाओ ने ऐलान कर दिया है कि पद नहीं बढ़ाये गये तो 12 दिसंबर को कांग्रेस की 'महंगाई हटाओ महारैली' का विरोध करेंगे। छात्र नेता महेंद्र शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी रोजगार पर बाते करते है लेकिन उनकी सरकार बेरोजगारों की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है।
इस कारण बढ़ने चाहिए पद
महेंद्र शर्मा का कहना है कि बेरोजगार लंबे समय से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांगों को शीघ्र माना जाए, वरना कांग्रेस की रैली का जोरदार विरोध किया जाएगा। रीट भर्ती में देरी, बीएड अध्यनरत छात्रों को मौका, ईडब्ल्यूएस वर्ग को मौका देना, वाणिज्य वर्ग का मौका देना और बाहरी राज्यों का अनुपात फिक्स नहीं होने के बाद भी सरकार पद नहीं बढ़ा रही है।
21 सूत्रीय मांग में मिला सकारात्मक संदेश
इससे पहले बेरोजगारों ने विभिन्न मांगों को लेकर यूपी के लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया था। बाद में बेरोजगारों की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन स्थगित किया। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने रीट में पद बढ़ाने की मांग की थी और कहा था कि सरकार ने इस पर सकारात्मक संदेश दिया है।
सरकारी आंकडों में 50 हजार से ज्यादा पद खाली
महेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार एक तरफ तो शिक्षा की बात करती है और दूसरी तरफ स्कूलों में टिचरों की कमी है। अगर सरकार अच्छी शिक्षा देने और बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं हो तो खाली पदों पर भर्ती करने में सभी का फायदा है। बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा तो बच्चों को शिक्षक और सरकार का नौकरी का वादा भी पूरा होगा। 26 लाखों लोगों ने रीट का पेपर दिया लेकिन पद केवल 30 हजार ही रहें जबकि वर्तमान में 50 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं।

बीजेपी राज में हुई थी सबसे बड़ी भर्ती
रीट में पदों की मांग बढ़ाने पर कई लोग सवाल खड़े कर रहे हैं उनको इस बात का पता होना चाहिए की बीजेपी सरकार ने भी 20 हजार से ज्याद पद बढाये थे और राज्य की सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती करने का रिकॉर्ड बनाया था। पूर्व शिक्षा मंत्री ने पद बढ़ाने को लेकर कहा था कि उनकी सरकार बीजेपी से ज्यादा शिक्षक भर्ती करेंगी और जरूरत पड़ी तो 60 हजार पदों पर भर्ती होगी। कांग्रेस सरकार 2023 में सत्ता में वापसी की तैयारी में लगी हुई है तो उसे भी बेरोजगारों की मांग पूरी करके अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहिए और बीजेपी की भर्ती का रिकॉर्ड तोड़ना चाहिए।





