इस तरह से पूजा करने से बढ़ेगा ज्ञान का भंडार, जानें मंत्र, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
सरस्वती को ज्ञान की देवी भी कहा जाता है और कहा जाता है कि जिस इंसान पर सरस्वती की कृपा हो उसका जीवन सफल हो जाता है। उस इंसान के पास इतना ज्ञान होता है कि उसकी संसार में पूजा होनी शुरू हो जाती है और जो भी इसकी पूजा करता है उसके जीवन में ज्ञान की कमी नहीं होती है।
हर बार की तरह इस बार पूजा माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 5 फरवरी दिन शनिवार को है। इस दिन सभी लोग कई प्रकार से पूजा करके मां सरस्वती को प्रसन्न करते हैं। लेकिन आपको सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और सही मंत्रों के साथ पूजा करनी चाहिए ताकि आपके जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार हमेशा के लिए हटा जाएं।

पूजा मुहूर्त्त
5 फरवरी 2022 को मां सरस्वती की पूजा के लिए 5 घंटे का शुभ मुहूर्त रहेगा और सुबह 9 बजे से 2 बजे तक पूजा करना शुभ है।
सरस्वती पूजा विधि (Saraswati Puja Vidhi)
1- इस दिन जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करके मां सरस्वती का ध्यान करना चाहिए।
2- सरस्वती माता की पूजा के लिए पीला चंदन, हल्दी, केसर, हल्दी से रंगे पीले अक्षत, पीले पुष्प मां को अर्पित करें तो अच्छा होगा।
4- सरस्वती को पीले रंग के मीठे चावल या पीली रंग की कोई भी मिठाई का भोग जरूर लगाएं।
5- सरस्वती की पूजा करने के साथ उनकी आरती जरूर करें और अपने ज्ञान को बढ़ाने की प्रार्थना करें।
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इस मंत्र का जाप करना नहीं भूले।
या कुंदेंदु-तुषार-हार-धवला, या शुभ्रा - वस्त्रावृता,
या वीणा - वार - दण्ड - मंडित - करा, या श्वेत - पद्मासना।
जन्म कुण्डली ,शिक्षा,कैरियर (जाॅब या बिजनेस), प्रोफेशनल ग्रोथ,लव लाइफ,मैरिड लाइफ,बच्चे का जन्म,फाइनेंसल कंडिशन,प्रोपर्टी,भौतिक संपत्ति,विदेश यात्रा तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयो का ज्योतिष विज्ञान के द्वारा विंशोतरी महादशा अन्तर्दशा की अवधारणा का उपयोग करते हुए भूतकाल,वर्तमान काल और भविष्यकाल का आंकलन करते हुए ज्योतिष परामर्श देते है। महाराज विष्णु शांडिल्य
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