सीएम गहलोत की जादूगरी से बाड़ेबंदी में पहुंचे 120 विधायक, बीजेपी की हार पक्की
राज्यसभा चुनाव में अभी 4 दिन बचे हैं लेकिन बीजेपी और कांग्रेस की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। चुनावों से पहले कांग्रेस के कुछ विधायक मीडिया के सामने अपने नाराजगी जता रहे थे लेकिन सीएम गहलोत ने सभी नाराज विधायकों से मिलकर उनको मना लिया है और अपने साथ उदयपुर ले जाकर बाड़ेबंदी में पहुंचा दिया है। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि कांग्रेस को जीत के लिए 123 विधायकों की जरूरत है लेकिन वह 125 विधायक होने का दावा कर रहे हैं।
एक दर्जी जो दिन में कपड़े सिलता और रात को खेलता था खूनी खेल!
लेकिन बाड़ेबंदी में अभी तक 120 विधायक पहुंच चुके है और बचे हुए विधायक भी जल्द उदयपुर पहुंच सकते हैं। लेकिन बीजेपी इसको लेकर कांग्रेस पर तंज कस रही है और कह रही है कि सकड़ों पर रेप के साथ हत्याएं हो रही है तो सरकार होटलो में बैठी है।
कांग्रेस को अभी भी डर लग रहा है कि अगर चुनावों से पहले निर्दलीय विधायक पाला बदल ले तो तीसरी सीट पर जीत हासिल करना आसान काम नहीं है। लेकिन सीएम गहलोत ने अपना जादू ऐसा चला है कि बगावती तेवर दिखाने वाले विधायक सरकार के साथ होने का दावा कर रहे हैं।
एक प्रत्याशी को जीत के लिए 41 वोटों की जरुरत है तो कांग्रेस को तीन सीटों पर जीत के लिए 123 वोट की जरुरत है। लेकिन कांग्रेस के पास बहुमत से एक वोट ज्यादा है और कांग्रेस के 108, 12 निर्दलीय, बीटीपी और माकपा के 2-2 और आरएलडी के 1 विधायक समर्थन मिल सकता है।

निर्दलीय विधायकों ने वोट देने के साथ अपनी कुछ ऐसी शर्त रखी है जो सरकार को पूरी करनी होगी। वोट के बदले शर्त रखी गई है जो एक तरह से सौदेबाजी कहे तो गलत नहीं होगा। रणदीप सुरजेवाला पहले, मुकुल वासनिक दूसरे और प्रमोद तिवारी की जीत तय मानी जा रही है।





