बूंदी: कोटा-उदयपुर फोरलेन पर अज्ञात वाहन की टक्कर से पैंथर की मौत
बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में कोटा-उदयपुर फोरलेन पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से पैंथर की मौत हो गई। वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं और फरार वाहन चालक की तलाश जारी है।
मुख्य बातें
- घटना बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र की है।
- पैंथर की मौत अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई।
- वन विभाग ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा।
- वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अंडरपास की मांग की गई है।
बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में कोटा-उदयपुर फोरलेन पर एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से पैंथर की मौत हो गई। सड़क पार करते समय तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद वाहन चालक फरार हो गया है।
वन विभाग की टीम ने शुरू की जांच सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल पैंथर को बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। अधिकारियों ने पैंथर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। डाबी के वन रेंजर के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान हो सके। पुलिस भी आरोपी चालक की तलाश में जुटी है।
वन्यजीवों के लिए असुरक्षित फोरलेन कोटा-उदयपुर फोरलेन घने जंगलों के बीच से गुजरता है, जिसके चलते इस मार्ग पर पैंथर सहित कई वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के कारण हर साल कई वन्यजीव सड़क हादसों में जान गंवाते हैं।
सुरक्षा संरचनाओं की मांग घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इस मार्ग पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इसमें फोरलेन पर वाहनों की गति सीमा (स्पीड लिमिट) का सख्ती से पालन, चेतावनी संकेतकों की संख्या में वृद्धि और वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास या ओवरपास का निर्माण शामिल है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बूंदी में पैंथर की मौत कैसे हुई?
बूंदी के डाबी थाना क्षेत्र में कोटा-उदयपुर फोरलेन पार करते समय एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से पैंथर की मौत हुई है।
क्या वाहन चालक की पहचान हो पाई है?
अभी तक वाहन चालक की पहचान नहीं हो सकी है। वन विभाग और पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रहे हैं।
वन्यजीव प्रेमियों ने क्या मांग की है?
वन्यजीव प्रेमियों ने सड़क पर स्पीड लिमिट, चेतावनी बोर्ड लगाने और वन्यजीवों के लिए अंडरपास या ओवरपास बनाने की मांग की है।





