राजस्थान में डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा
देश में इस साल कमजोर मानसून रहने की संभावना के बीच डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। कम बारिश, बढ़ती नमी और गर्म मौसम के कारण मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ने को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को विशेष तैयारियां रखने के निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक राज्यों को भेजे गए पत्र में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाने, समय पर जांच और इलाज की व्यवस्था मजबूत करने को कहा है।
मुख्य बातें
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डेंगू-मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्यों को सतर्क रहने और रोकथाम की तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
- राजस्थान के जयपुर सहित 8 जिलों को पिछले तीन साल के आंकड़ों के आधार पर डेंगू-मलेरिया के लिए हाई रिस्क एरिया में शामिल किया गया है।
- Fact 3: हाई रिस्क जिलों में मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए हर सप्ताह ड्राई डे एक्टिविटी और एंटी लार्वा अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान के 8 जिले डेंगू-मलेरिया के हाई रिस्क एरिया में शामिल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट
देश में इस साल कमजोर मानसून रहने की संभावना के बीच डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। कम बारिश, बढ़ती नमी और गर्म मौसम के कारण मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ने को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को विशेष तैयारियां रखने के निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक राज्यों को भेजे गए पत्र में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाने, समय पर जांच और इलाज की व्यवस्था मजबूत करने को कहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले तीन साल के आंकड़ों का विश्लेषण कर देशभर के उन जिलों की पहचान की है, जहां डेंगू और मलेरिया के मामलों की संख्या अधिक रही है। जिन जिलों में पिछले वर्षों में 500 या उससे ज्यादा मामले सामने आए हैं, उन्हें हाई रिस्क एरिया की श्रेणी में रखा गया है। इस सूची में राजस्थान के 8 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें राजधानी जयपुर भी शामिल है। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग को विशेष मॉनिटरिंग करने और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश जारी किये गए हैं।
मंत्रालय ने हाई रिस्क जिलों में मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पहचान कर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाने को कहा है। इसके तहत हर सप्ताह ड्राई डे एक्टिविटी आयोजित की जाएगी, जिसमें घरों, कार्यालयों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा पानी को हटाने के साथ लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए एंटी लार्वा गतिविधियां भी तेज की जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी और अन्य जल पात्रों की नियमित सफाई करें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। अधिकारियों के मुताबिक समय रहते सावधानी और प्रभावी निगरानी से डेंगू-मलेरिया के बढ़ते खतरे को नियंत्रित किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजस्थान में डेंगू-मलेरिया का खतरा क्यों बढ़ रहा है?
कमजोर मानसून, नमी और गर्म मौसम के कारण मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ रही है, जिससे डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ सकता है।
राजस्थान के कितने जिलों को हाई रिस्क एरिया माना गया है?
राजस्थान के 8 जिलों को डेंगू-मलेरिया के लिए हाई रिस्क एरिया में शामिल किया गया है।




