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राजस्थान के नए जिलों में अभी भी जिला परिषदों का इंतजार

प्रकाशित: Jul 02, 2026 12:50रिपोर्ट: Monika Rathore

राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव नहीं होने का असर अब नवगठित जिलों के विकास कार्यों पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के नए जिलों में अब तक जिला परिषदों का गठन नहीं हो पाया है, जिसके चलते ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की योजनाओं का संचालन फिलहाल पुराने जिलों की जिला परिषदों के माध्यम से ही किया जा रहा है। एक जुलाई से शुरू हुई विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन भी पुराने जिला परिषद ढांचे के तहत संचालित होगा, जबकि नवगठित ग्राम पंचायतों के चुनाव नहीं होने से बजट, विकास कार्यों और योजनाओं का आवंटन भी पुरानी ग्राम पंचायतों के आधार पर ही किया जाएगा। हाल ही में राज्य सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रशासनिक व्यय की स्वीकृति जारी करते हुए साफ़ किया हैं कि योजना का संचालन पूर्व की नोडल जिला परिषदों के माध्यम से ही किया जाए। इससे साफ है कि जब तक नए जिलों में जिला परिषदों का गठन और पंचायत चुनाव नहीं हो जाते, तब तक ग्रामीण विकास, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था पुराने जिला परिषद ढांचे के जरिए ही चलती रहेगी। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने 2023 में 19 नए जिले और 3 नए संभाग बनाए थे, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने इनमें से 9 जिलों और 3 संभागों को निरस्त कर दिया वर्तमान में राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग हैं, जबकि नए जिलों में जिला परिषदों के गठन का इंतजार जारी है।