हरियाली अमावस्या 2026: 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण, जानें भारत में सूतक और पूजा के नियम
सावन मास की हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2025 को है। इस दिन सूर्य ग्रहण भी है, लेकिन भारत में दिखाई न देने के कारण सूतक मान्य नहीं होगा और सभी धार्मिक अनुष्ठान निर्बाध रूप से किए जा सकेंगे।
मुख्य बातें
- हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को है
- सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे से शुरू होगा
- भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा
- सूतक मान्य न होने से मंदिर खुले रहेंगे
सावन मास की अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या इस बार 12 अगस्त को है। इस तिथि पर सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है, लेकिन राहत की बात यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, ग्रहण देश में नजर नहीं आने के कारण इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इस वजह से मंदिरों के कपाट बंद नहीं रहेंगे और दिनभर बिना किसी बाधा के धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकेंगे।
सूतक मान्य नहीं, नियमित रहेंगी पूजा-विधी
भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात करीब 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की रात करीब 1:28 बजे तक रहेगा। यह उत्तरी प्रशांत महासागर, पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
भारत में इसकी दृश्यता न होने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बिल्व पत्र अर्पण और महामृत्युंजय मंत्र का जप नियमित रूप से कर सकेंगे। शिव और माता पार्वती की आराधना के साथ इस दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण की भी परंपरा है।
स्नान और पितृ तर्पण के नियम
अमावस्या तिथि पितरों की पूजा और तर्पण के लिए भी विशेष मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों और तीर्थस्थलों पर स्नान करके पितरों के निमित्त तर्पण करने का विधान है।
जो लोग किसी तीर्थ या नदी तक नहीं जा सकते, वे घर के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद पितरों को याद करते हुए अन्न, जल, वस्त्र या जरूरत की अन्य वस्तुओं का दान किया जाता है। गौशाला में हरी घास और आर्थिक सहायता देने के साथ ही गाय, कुत्ते और कौवों को भोजन कराना भी इस दिन पुण्यकारी माना गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हरियाली अमावस्या कब है?
सावन मास की हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को है।
क्या 12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा?
नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
क्या भारत में सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा?
नहीं, ग्रहण भारत में दृश्यमान न होने के कारण देश में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
हरियाली अमावस्या पर किन देवताओं की पूजा की जाती है?
इस दिन मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है तथा पितरों का तर्पण किया जाता है।





