बाबा श्याम के परम भक्त ने मोर पंख से खोल दिया था ताला, जानें मोर पंख की कहानी
श्री खाटू श्याम धाम के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होती है। लेकिन पिछले कुछ सालों में बाबा के प्रति श्याम भक्तों की श्रद्धा इतनी बढ़ गई है कि उनके शक्ति के आगे हर भक्त की नैया पार लग रही है राजस्थान के सीकर में श्री खाटू श्याम धाम पर श्याम भक्तों की आस्था बढ़ती ही जा रही है। लेकिन आज हम आपको मोर पंख से जुड़ी वह कहानी बताने जा रहे है जिसके बारे में किसी को पता नहीं है।
बताया जाता है कि बाबा के दर्शन के लिए एक परम भक्त रेवाड़ी से आया और उसने बाबा के बारे में बहुत लोगों से सुना था। इस वजह से वह बड़ी श्रद्धा का भाव लेकर तो आया लेकिन उस दिन बाबा के पट थे। उसने मंदिर के दर्शन करने के लिए मंदिर में तैनात सैनिकों से निवेदन किया। लेकिन सैनिकों ने उसकी नहीं सूनी और उसे जाने के लिए कहा दिया। उसने कहा कि वह बहुत दूर से आया लेकिन सैनिकों ने कहा पट बंद हो गए है इसलिए दर्शन नहीं होंगे।
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सैनिकों ने उस भक्त को कहा कि बाबा के असली भक्त हो तो पट खुलवा हो, जिसके बाद का भक्त श्याम बहादुर अग्रवाल ने मोरपंख छड़ी को मंदिर पर लगे ताले पर मार दिया। इसके बाद वह चमत्कार हुआ जिसे देखकर हर कोई हैरान हो गया क्योंकि मोरपंख को जैसे ही मंदिर के ताले पर मारा तो ताला टूट गया और कपाट अपने आप खुल गए। इस घटना के बाद से बाबा श्याम के प्रति लोगों की श्रद्धा ज्यादा बढ़ गई। श्याम बहादुर अग्रवाल को बाबा श्याम का पहला परम भक्त कहा जाता है और आज भी उनके परिवार के लोग बाबा का प्रचार करते रहते हैं।




