मुख्य समाचार पर जाएं
हिंदी समाचार · नवतेज टीवी
राजस्थान न्यूज़जयपुर की खबरसीकर समाचारआज राजस्थान में क्या हुआ?कोटा की खबर
नवतेज टीवी
☰ समाचार श्रेणियां
आपणो राजस्थान

सरकारी स्कूलों में नया नियम लागू 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य

प्रकाशित: Jun 30, 2026 14:39रिपोर्ट: Monika Rathore

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग ने उपस्थिति व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। नए शैक्षणिक सत्र से अब शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य कार्मिकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसकी शुरुआत जोधपुर जिले के भोपालगढ़ ब्लॉक के 158 सरकारी विद्यालयों से हो चुकी है, जहां ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलते ही नई व्यवस्था लागू कर दी गई। अब प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह से ही सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, अनुपस्थिति तथा अवकाश का पूरा विवरण शाला दर्पण पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से दर्ज करना होगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी विद्यार्थी या कर्मचारी की उपस्थिति प्रविष्टि लंबित नहीं रहनी चाहिए।

शिक्षा विभाग के मुताबिक अब तक कई सरकारी विद्यालयों में उपस्थिति रजिस्टर में तो रिकॉर्ड दर्ज कर दिया जाता था, लेकिन शाला दर्पण पोर्टल पर समय पर ऑनलाइन अपडेट नहीं होने के चलते ऑफलाइन और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर आ जाता था। इस डेटा मिसमैच का असर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार होने वाले शिक्षा संबंधी आंकड़ों, विभिन्न सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और संसाधनों के वितरण पर भी पड़ता था। इसी समस्या को खत्म करने के लिए अब ऑनलाइन उपस्थिति को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और यदि किसी विद्यालय में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही, गलत डेटा एंट्री या रिकॉर्ड अपडेट करने में देरी पाई गई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसके लिए सीधे जिम्मेदार होंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार नई व्यवस्था से स्कूलों में उपस्थिति रिकॉर्ड अधिक सटीक होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी, डेटा में गड़बड़ी खत्म होगी और शिक्षा विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिल पायेगी।