समर्थ सखी योजना: राजस्थान में महिलाओं को स्कूटी खरीदने के लिए मिलेगा 1 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन, जानिए पात्रता और शर्तें
राजस्थान सरकार की समर्थ सखी ऋण योजना के तहत राजीविका कैडर से जुड़ी महिलाओं को स्कूटी या टू-व्हीलर खरीदने के लिए 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण 36 महीने की अवधि के लिए दिया जाता है।
मुख्य बातें
- समर्थ सखी ऋण योजना के तहत 1 लाख रुपये तक का लोन मिलता है
- 10.5 प्रतिशत ब्याज की पूरी सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है
- लोन चुकाने की अवधि 36 महीने (3 साल) है
- आवेदक महिला का राजीविका कैडर होना और न्यूनतम वेतन 6000 रुपये होना अनिवार्य है
- आवेदन स्वयं सहायता समूह के प्रस्ताव के माध्यम से किया जाता है
राजस्थान की कामकाजी महिलाओं और राजीविका से जुड़ी दीदियों के लिए दोपहिया वाहन खरीदना अब आसान हो गया है। राज्य सरकार की 'समर्थ सखी ऋण योजना' के तहत महिलाओं को स्कूटी, मोटरसाइकिल या इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए 1 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। राजस्थान महिला निधि के माध्यम से मिलने वाले इस लोन पर 10.5 प्रतिशत की पूरी ब्याज दर की सब्सिडी सरकार खुद वहन कर रही है।
पात्रता और जरूरी शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ निश्चित शर्तें तय की गई हैं। आवेदक महिला का राजीविका कैडर से जुड़ा होना अनिवार्य है और उनका न्यूनतम मासिक वेतन 6000 रुपये होना चाहिए। इसके अलावा, महिला कम से कम 3 साल से लगातार राजीविका के तौर पर सेवा दे रही हो और उसकी उम्र 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। वाहन महिला के नाम पर ही खरीदा जाएगा और इसके लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। पुरानी गाड़ियों पर यह ऋण मान्य नहीं होगा, यानी केवल नया वाहन ही खरीदा जा सकता है।
लोन चुकाने की अवधि और वित्तीय नियम
योजना के तहत मिलने वाले 1 लाख रुपये तक के ऋण को चुकाने के लिए महिलाओं को कुल 36 महीने यानी 3 साल का समय मिलता है। यह राशि हर महीने आसान ईएमआई के रूप में चुकानी होती है। सरकार की ओर से 10.5 फीसदी ब्याज पर पूरी तरह छूट मिलने के कारण लाभार्थी को ब्याज का एक भी पैसा अतिरिक्त नहीं देना पड़ता है। हालांकि, कुल लागत का 10 प्रतिशत हिस्सा मार्जिन मनी के तौर पर रहता है और वाहन का बीमा आवेदक को खुद कराना होता है।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से किया जाता है। महिला जिस भी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होती है, उसी समूह द्वारा इसका प्रस्ताव दिया जाता है और समूह की सामूहिक गारंटी भी होती है।
आवेदन के लिए स्वयं सहायता समूह का प्रस्ताव, सामूहिक गारंटी, और सीएलएफ (CLF) की अनुशंसा व अधिकार पत्र जरूरी होता है। इसके साथ ही वाहन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (RC) में फाइनेंसर के रूप में राजस्थान महिला निधि का नाम दर्ज कराना अनिवार्य होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
समर्थ सखी ऋण योजना क्या है?
समर्थ सखी ऋण योजना राजस्थान सरकार की एक पहल है, जिसके तहत राजीविका कैडर से जुड़ी महिलाओं को स्कूटी या टू-व्हीलर खरीदने के लिए 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है।
इस योजना के तहत कितना लोन और ब्याज मिलता है?
इस योजना के तहत अधिकतम 1 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। इस पर लगने वाला 10.5 प्रतिशत ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिससे यह पूरी तरह ब्याज मुक्त रहता है।
समर्थ सखी योजना का लाभ लेने के लिए क्या पात्रता है?
लाभार्थी महिला राजीविका कैडर होनी चाहिए, न्यूनतम वेतन 6000 रुपये होना चाहिए, कम से कम 3 साल से लगातार सेवा दे रही हो, आयु 55 वर्ष से अधिक न हो और उसके नाम वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो।
लोन चुकाने की समय सीमा क्या है?
समर्थ सखी ऋण योजना के तहत लिए गए लोन को चुकाने के लिए कुल 36 महीने (3 साल) का समय मिलता है, जिसे हर महीने ईएमआई के जरिए चुकाना होता है।
समर्थ सखी योजना के लिए आवेदन कैसे किया जाता है?
इस योजना के लिए आवेदन महिला के स्वयं सहायता समूह के माध्यम से प्रस्ताव देकर किया जाता है, जिसमें समूह की सामूहिक गारंटी होती है।





