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जयपुर के राधा दामोदरजी मंदिर में अनोखी जन्माष्टमी

प्रकाशित: Sep 03, 2026 18:53रिपोर्ट: Mr. Reporter

भगवान श्री कृष्ण एक अवतार के रुप में हमारे सामने आए हैं। उन्होंने स्वयं यह घोषित किया कि धर्म संस्थापनार्थाय संभामि युगे युगे। धर्म की स्थापना नहीं, संस्थापना करने के लिए वे समय समय अवतार के रुप में सामने आते रहते हैं। इस बार भी वे हमारे सामने आ रहे हैं, धर्म का पालन करते हुए अपने आत्म स्वरुप को टटोलने, उसके अन्वेषण करने और आत्म दर्शन का संदेश देने के लिए। भगवान श्री कृष्ण अवतरण का दिन जन्माष्टमी का पर्व देश और दुनिया में श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। छोटी काशी के रुप में अपनी पहचान बनाती गुलाबी नगरी जयपुर के कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का हर जगह उल्लास छाया जाता है। मंदिरों में विशेष उत्सव मनाए जाते हैं। जयपुर में एक ऐसा भी मंदिर है जहां भगवान श्री कृष्ण का जन्म रात को बारह बजे की बजाय दिन में बारह बजे होता है। चौड़ा रास्ता स्थित स्थित 5 सौ साल पुराने राधा दामोदरजी के मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव दोपहर 12 बजे मनाया जाता है। इस मंदिर में पांच सौ साल पुरानी परंपरा आज भी कायम है। कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बाल गोपाल का दर्शन करने आते हैं। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर श्रद्धालु अपने आराध्य देव के आने की खुशी में नाचते हैं,मंगल गान गाते हैं। यहां बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालुओं भी आते हैं दर्शनों के लिए। माना जाता है कि यह मंदिर कृष्ण भगवान के बाल स्वरुप का मंदिर है और बाल अवतार है। दोपहर में 12 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के पीछे यह कारण बताया जाता है कि यह मंदिर श्री कृष्ण भगवान का बाल स्वरुप का मंदिर है। लिहाजा रात 12 बजे उनके सोने का समय होता है। यही वजह है कि इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव दोपहर 12 बजे मनाया जाता है। रात बारह बजे इस मंदिर के पट्ट बंद कर दिए जाते हैं।