जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया लेकिन भारत के दबाव में पाकिस्तान को अभिनंदन को छोड़ना पड़ा था। बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय अभिनंदन वायुसेना में विंग कमांडर थे लेकिन उनके साहस और वीरता को देखकर उन्हें ग्रुप कैप्टन बना दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को भी मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी उनकी मां को दिया गया। सैपर प्रकाश जाधव को मरणोपरांत दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से नवाजा गया।जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान शहीद नायब सूबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। जब यह सम्मान दिया गया तो पूरा हाल तालियों की गडगडाट से गूंज उठा।
