अजमेर के खादिमों के भड़काऊ बयानों का असर अब ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह पर देखा जा रहा है ईद उल अजहा के मोके पर भी दरगाह की सड़कें सुनसान सी नजर आई, जहां पहले ईद के मौके पर हजारों जायरीन जियारत के लिए दरगाह पहुंचते थे, लेकिन अब हालात बदलते जा रहे हैं। नूपुर शर्मा को लेकर दरगाह के 3 खादिमों द्वारा अब तक भड़काऊ बयान दिए चुके हैं। जिसके बाद लोग यहां आने से कतराने लगे है, अजमेर के होटल व्यवसाय की बात करें तो सभी होटल खाली से नजर आए, होटलों में इक्का-दुक्का कमरे ही भरे हैं. जिससे होटल मालिकों की लागत भी नहीं निकल पा रही है. होटल व्यव्साय से जुड़े मैनेजर का कहना है कि यहां बीते दिनों जो कुछ हुआ, उससे जायरीनों में दहशत है, लोग यहां आने से डर रहे हैं. यहां आने वाले जायरीनों की संख्या केवल 10 फीसदी रह गई है. उन्होंने होटल के कारोबार के बारे में बताते हुए कहा कि पहले रमजान के महीने को छोड़कर बाकी दिनों 90 फीसदी तक कमरे बुक रहते थे।
दरगाह बाजार की अगर बात की जाए तो यहां लगने वाली गुलाब के फूलों की दुकानें भी वीरान हो चली हैं, जायरीनों की संख्या में कमी से व्यापारी परेशान हैं, बताया जा रहा है कि दरगाह बाजार क्षेत्र में व्यापार करीब 70 प्रतिशत तक कम हुआ है. इन सब के पीछे बीते दिनों अजमेर के कुछ खादिमों के वायरल हुए वीडियो को वजह माना जा रहा है. ये सब बीते करीब आठ दिनों में हुआ है. दरगाह क्षेत्र में 'जन्नत ग्रुप ऑफ होटल्स' के मालिक रियाज खान ने कहा कि यहाँ आने वाले लोगों पर घृणास्पद बयानों से असर पड़ा है।
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आपको बतां दे कि बीते दिनों अजमेर दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती ने बीजेपी की नूपुर शर्मा का सिर कलम करने वालों को अपना मकान देने की घोषणा की थी. खादिम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, वहीं दरगाह कमिटी के सचिव सरवर चिश्ती ने भी हिन्दुओं की कमाई खत्म करने और भारत को हिला देने की धमकी दी थी।
