जैसा की आप सबको पत्ता है सऊदी अरब में सरिया कानून चलता है सरिया कानून को दूसरे कानूनों से काफी सख्त माना जाता है, दूसरे कानूनों में कोई भी गुनाह करने पर आरोपी बचाव के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है लेकिन सरिया कानून में सीधा आरोपी को फांसी पर लटका दिया जाता है या फिर उसका सर धड़ से अलग कर दिया जाता है, अब भी कुछ ऐसा ही हुआ है दुष्कर्म, हत्या, पूजास्थलों पर हमला, आतंकवादियों से संबंध जैसे कई संगीन अपराधों में शामिल 81 लोगों को एक ही दिन में फांसी की सजा दी गई है। एक साथ इतने लोगों को मौत की सजा सऊदी अरब ने दी है।
स्थानीय एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि शनिवार को सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने इन सभी लोगों को फांसी दी है। इनमें से कई खूंखार आतंकवादी संगठन आईएसआईएस और अल-कायदा के साथ काम करते थे तो कई अन्य हत्या तथा दुष्कर्म जैसी घटनाओं में शामिल थे।
आतंकियों आकाओं की कांपी रूह, 81 को उतारा मौत के घाट
मौत की यह सजा सऊदी के रहने वालों के अलावा कुछ विदेशियों को भी दी गई है। इनमें से ज्यादातर यमन के रहने वाले थे। यह सभी धार्मिक स्थलों और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने, सुरक्षा अधिकारियों की हत्या करने, माइंस बिछाने, अपहरण, टॉर्चर करने और रेप तथा हथियारों की डकैती जैसे अपराधों में संलिप्त थे। इसके अलावा इसमें देश में गड़बड़ी फैलने के उद्देश्य से हथियारों की तस्करी करने वाले भी शामिल थे।
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने कहा कि उनका देश आतंकवाद और चरमपंथी विचारधाराओं के खिलाफ सख्त और अटूट रुख अपनाना जारी रखेगा। मंत्रालय ने आतंकवाद को पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए खतरा बताया है। सऊदी अरब पिछले कई साल से कट्टर आतंकवाद और पड़ोसी देश यमन में जारी हिंसा से जूझ रहा है। यमन में सक्रिय हूती विद्रोही अक्सर सऊदी अरब को निशाना बनाते रहे हैं।
