Monday, 5 October 2026
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भारत के इतिहास में पहली बार 38 लोगों मिली फांसी की सजा,जानें ब्लास्ट की पूरी कहानी

रेसिपी
भारत के इतिहास में पहली बार 38 लोगों मिली फांसी की सजा,जानें ब्लास्ट की पूरी कहानी

शुक्रवार सुबह 11.30 बजे अदालत ने 13 साल पहले अहमदाबाद में हुए सीरियल ब्लास्ट में शामिल 49 गुनहगारों को सजा सुना दी है। सजा सुनाते ही यह भारत के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना है जिसमें एक साथ 38 लोगों को फांसी की सजा और 11 लोगों को ताउम्र कैद की सजा सुनाई गयी है। इस ब्लास्ट में 56 लोगों की जान गयी थी और कई लोग घायल हुए थे।

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एक घंटे में हुए थे 21 धमाके
26 जुलाई 2008 को एक घंटे में 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद शहर को हिलाकर रख दिया था और शहर भर में हुए इन धमाकों में 50 से ज्यादा लोगों की जान जाने के साथ 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद धमाकों की जांच-पड़ताल में 80 आरोपियों पर मुकदमा केस चला और अब जाकर उनको सजा मिली है। बताया गया था कि उस दिन 50 से ज्यादा धमाके होते लेकिन 29 बम किसी कारण के फटे नहीं थे जिसके कारण कई लोगों की जान बच गयी।

भारत के इतिहास की सबसे बड़ी सजा
आज फैसला ऐतिहासिक है, क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार एक साथ 38 लोगों को फांसी की हुई। इससे पहले राजीव गांधी केस में 26 लोगों को सजा सुनाई गई थी। इस घटना को अंजाम देने की वजह गोधरा कांड को बताया जाता है और आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया से जुड़े लोगों ने इसको पूरा करने का ​काम किया था। विस्फोट से पले 'इंडियन मुजाहिदीन' ने धमाकों की चेतावनी दी थी। 

सीएम मोदी ने बनाई विशेष टीम
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी DGP आशीष भाटिया के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई और एक महीने के कम समय में इस पूरी घटना का खुलासा कर दिया था। आज मोदी देश के पीएम बन चुके है लेकिन आंतकवाद को खत्म करने का उनका प्रमुख लक्ष्य है।