Monday, 5 October 2026
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अजमेर-92 फाइल्स में 200 हिंदू लड़कियों के MMS-ब्लैकमेलिंग कांड का दिखेगा काला सच

अजमेर संभाग
अजमेर-92 फाइल्स में 200 हिंदू लड़कियों के MMS-ब्लैकमेलिंग कांड का दिखेगा काला सच

द केरल स्टोरी में जिस तरह से हिंदू ल​ड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया और इसके बाद उनको अरब देश में भेजा गया था। इस कहानी को लेकर जमकर बवाल मचा था और फिल्म के आलोचन फिल्म पर रोक लगाने के लिए कोर्ट तक पहुंचे थे लेकिन वहां से उनको कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद इस फिल्म ने कमाई के मामले ने भी नए रिकॉर्ड बना दिए है। इस बीच Ajmer-92 Files को लेकर विवाद खड़ हो गया है। फिल्म ‘अजमेर 92’ रिलीज की तैयारी शुरू कर दी है लेकिन इससे पहले ही बवाल मचना भी शुरू हो गया है।

इस फिल्म की कहानी 1990 के समय की है जब अजमेर की 100 से ज्यादा युवा लड़कियों के साथ गैंगरेप और उन्हें ब्लैकमेल करने का गंदा खेल खेला गया था। इस साजिश को रचने वाले एक धर्म विशेष से आते थे। आरोपियों ने स्कूल और कॉलेज की सैकड़ों लड़कियों की जिंदगी नर्क बना दी। राजस्थान के इतिहास का यह सबसे बदनुमा दाग है। पुलिस ने छात्राओं को ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह को पकड़ा लेकिन तब तक उसने कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी।

इस घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले एक लड़की को अपने जाल में फंसया और इसके बाद उनको यह गंदा खेल 100 से ज्यादा लड़कियों तक पहुंच गया। स्कूलों में पढ़ने वाली 17 से 20 साल की लड़कियों को इस जाल में फंसया गया। सभी लड़कियों की न्यूड अश्लील फोटो खींचकर और ब्लैकमेल कर उनका यौन शोषण किया गया। यह सब लड़कियां बड़े परिवार से संबंध रखती थी और डर के कारण उन्होंने इसका विरोध नहीं किया।

जब पुलिस की जांच हुई तो राजनीतिक और प्रभावशाली व्यक्तियों के होने के चलते पुलिस पर काफी दबाव बनाया गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत को इस बात का पता था कि अगर बिना सबुतों के एक्शन लिया गया तो शांति और कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसके बाद  प्रेस कॉफ्रेस कर खुलासा किया कि मामला ज्यादा बड़ा नहीं है। इसके बाद पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू हो गया और न्याय की मांग उठी। 

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कांग्रेस नेताओं ने प्रकरण की जांच सीआईडी से करवाने के लिए दबाव बनाया गया। लेकिन शेखावत ने मामला सीआईडी सीबी के हाथों देने का फैसला किया। जांच में युवा कांग्रेस के तत्कालीन शहर अध्यक्ष  और चिश्ती परिवार के फारूक चिश्ती, उपाध्यक्ष नफीस चिश्ती, संयुक्त सचिव अनवर चिश्ती, अलमास महाराज, इशरत अली, इकबाल खान और सलीम के साथ दर्जनों लोगों का नाम सामने आया।

इस काण्ड के 3 दशक पूरे होने के बाद जुलाई में फिल्म रिलीज होगी। इस फिल्म को चुनावी माहौल से भी जोड़ा जा रहा है। अजमेर 92 मूवी में 200 सौ लड़कियों को रेप और ब्लैकमेल का शिकार बताया जा रहा है और इस बात को लेकर विरोध किया जा रहा है।