Monday, 5 October 2026
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फिल्म स्टाइल में घर से भागा, अपराध की दुनिया में रखा कदम फिर मिले परिजन

आपणो राजस्थान
फिल्म स्टाइल में घर से भागा, अपराध की दुनिया में रखा कदम फिर मिले परिजन

झुंझुनू निवासी एक बच्चा 12 साल की उम्र में घरवालो से नाराज होकर भाग कर अजमेर आ गया और खानाबदोशों की तरह रह कर नाम बदल अपराध कर अपना जीवन बिताने लगा। फिलहाल आर्म्स एक्ट के मामले में अजमेर जेल में बंद 20 वर्ष के युवक को अजमेर जीआरपी थाना पुलिस ने ट्रेन में महिला यात्री का लैपटॉप व मोबाइल चोरी करने के आरोप में प्रोडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार किया और पूछताछ की तो उसके बारे मे पूरी जानकारी प्राप्त हुई। जानकारी प्राप्त कर युवक के परिजनों को इसकी जानकारी दी। जब 8 साल बाद माता-पिता जब अपने बेटे से मिले तो अपने आंसू नहीं रोक पाए और भावुक हो गए।

एसपी जीआरपी अजमेर पूजा अवाना के अनुसार 20 जनवरी को थाना जीआरपी अजमेर पर महिला परिवादी ने लैपटॉप व वनप्लस मोबाइल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर एक टीम गठित की गई। गठित टीम ने अजमेर जेल में बंद 20 वर्षीय युवक को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर चोरी का लैपटॉप बरामद किया साथ ही डिग्गी बाजार थाना क्लॉक टावर निवासी रवि सिंह को चोरी का मोबाइल खरीदने पर गिरफ्तार कर मोबाइल बरामद किया।

20 वर्षीय युवक थाना क्लॉक टावर अजमेर के आर्म्स एक्ट के मुकदमे में जेल में बंद था। जिसे चोरी के आरोप में जीआरपी थाने लाकर थानाधिकारी सुशीला बिश्नोई ने तसल्ली पूर्वक पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम संदीप सिंह पुत्र रतन सिंह राजपूत निवासी जसरापुर ढाणा की ढाणी थाना खेतड़ी जिला झुंझुनू बताया। उसके अनुसार 8 साल पहले 12 साल की उम्र में वह घर से भाग गया और अजमेर आ गया। तब से अब तक अजमेर में ही खानाबदोश की तरह रह रहा था।

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आरोपी युवक द्वारा बताएं सही नाम पते के अनुसार घर पर संपर्क किया तो परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। संदीप सिंह के माता-पिता व अन्य परिजन जीआरपी थाना अजमेर पहुंचे। 8 साल पहले घर से भागे बेटे को सामने देखकर आंसू नहीं रोक पाए। फिलहाल आरोपी युवक को चोरी के आरोप में जीआरपी थाना पुलिस द्वारा शुक्रवार को रेलवे कोर्ट अजमेर में पेश किया गया था।