राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले ही अमित शाह ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है क्योंकि राजस्थान में इस बार बीजेपी पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। शाह ने 2018 चुनावों के परिणाम को ध्यान में रखते हुए पूर्वी राजस्थान में पार्टी को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र में बीजेपी को जबरदस्त झटका मिला था और लगभग सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था और इसी बात को ध्यान में रखते हुए शाह ने भरतपुर को दौरा करने का फैसला किया है।
राजस्थान में भाजपा की सबसे कमजोर कड़ी भरतपुर
भरतपुर संभाग
पिछले विधानसभा चुनाव में भरतपुर संभाग के चार जिलों में से तीन जिलों में भाजपा का एक भी विधायक जीत नहीं सका और केवल धौलपुर से एक सीट पर जीत मिली थी। इस वजह से शाह भरतपुर, करौली, सवाईमाधोपुर और धौलपुर में फिर से बीजेपी को मजबूत करने की तैयारी में जुट गए है।
भरतपुर संभाग की 19 सीटों पर भाजपा का एक भी विधायक नहीं है जो उसके लिए बड़ी परेशानी है। लेकिन इस बार शाह ने यहां के लिए विशेष प्लान बनाया है जो राजस्थान में बीजेपी की वापसी का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। शाह को इस खेल का मास्टर माना जाता है कि जहां बीजेपी कमजोर है वहां कैसे उसको मजबूत करना है। सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से वह यहां पार्टी को फिर से खड़ा करेंगे। शाह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्ड और केंद्रीय नेताओं के दौरों ने इस बात को सही साबित कर दिया है।
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अमित शाह के दौरे से पहले भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित सभी बड़े पदाधिकारी पहुंच चुके है। आज शाह भरतपुर संभाग के बूथ कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने का मंत्र देंगे जो आने वाले चुनावों के लिए बहुत फायदेमंद होगा। कांग्रेस इस समय अपने ही नेताओं की लड़ाई में उलझी हुई और बीजेपी ने अपने चुनावी रण का आगाज कर दिया है। इन इलाकों में गुर्जर और मीणा वोटर ज्यादा है और पायलट कांग्रेस से नाराज है तो मीणा वोट किरोड़ी लाल मीणा के साथ आते दिख रहे है।
