भारत ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी का आज अपना 42 वां जन्मदिन मना रही है। जब इस पार्टी का जन्म हुआ था तो सत्ता पक्ष उनको लेकर मजाक बनाता था और उन पर हंसता था। लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह छोटी सी पार्टी एक दिन दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी और जो लोग उन पर हंसते थे उनकी पार्टी का अस्तिव ही खतरे में पड़ जाएगा। बीजेपी को असली पहचान 6 अप्रैल 1980 मिली जब वह पहले भारतीय जनसंघ का हिस्सा थी।
अटल और आडवाणी ने अपने दम पर भाजपा को खड़ा करने का फैसला किया और दोनों की जोड़ी ने ही बीजेपी को पहचान दिलाई।1984 में जब पार्टी को 2 सीटें मिली तो जमकर मजाक बनाया गया लेकिन उस दिन अटल ने कहा कि विपक्ष में बैठने की ताकत है हमारी और एक दिन हम आपको विपक्ष में बिठाएंगे।
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6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ था। इसके बाद 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या होने और सिख विरोध दंगों के बाद लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस को जबर्दस्त जीत मिली और भाजपा पहले चुनाव में महज 2 सीट पर ही जीत सकी।
लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के अध्यक्ष बने और पार्टी को मजबुत बनाने में जुट गए। 1996 में भाजपा को 161 सीटें मिलीं और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री पद की शपथ ली लेकिन लोकसभा में बहुमत साबित नहीं होने के कारण 13 दिनों में ही सरकार गिर गई। इसके बाद भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का गठन करके चुनाव लड़ा जिसमें कई सहयोगी दलों के साथ मिलकर वाजपेयी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने। लेकिन अन्नाद्रमुक ने समर्थन वापस लिया और सरकार गिर गई और फिर से चुनाव कराए गए।
1999 के चुनावों में NDA ने 300 से ज्यादा सीटें जीतीं और भाजपा को सबसे 183 सीटें मिली। वाजपेयी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने तो आडवाणी उपप्रधानमंत्री बने। लेकिन इसके बाद कांग्रेस गठबंधन (UPA) ने फिर सरकार बनायी तो लगा की बीजेपी कभी सत्ता में नहीं आएगी। लेकिन गुजरात के सीएम और भावी पीएम मोदी ने 2014 लोकसभा चुनावों में अपने कदम रखने के बाद बीजेपी ने रिकॉर्ड जीत हासिल करते हुए केंद्र में अपने दम पर सरकार बनाई।
इसके बाद मोदी और शाह की जोड़ी ने ऐसा कमाल दिखाया कि भाजपा देखते ही देखते दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है। अटल और आडवाणी ने जो सपना देखा था उसे पीएम मोदी और शाह ने पूरा कर दिखाया। इसके बाद भारत ही दुनिया भर में भाजपा का ऐसा जलवा दिखा कि केंद्र से लेकर राज्यों में बीजेपी की सरकार बनने लगी और यूपी में बीजेपी की बंपर जीत ने पूरे विपक्ष की नींद ही उड़ा दी। 2014 में भाजपा 282 सीटें जीती तो लगा की 2019 के लोकसभा चुनाव में ऐसा नहीं होगा लेकिन इस बार भाजपा ने 300 से ज्यादा सीटें जीतकर नया इतिहास रच दिया।
42 साल में बीजेपी ने इतनी मेहनत की है कि आज उसके पास सबसे ज्यादा विधायक और सांसद है। 2 लोकसभा सीटों से शुरू हुआ सफर 300 के पार पहुंच गया और अभी भी बीजेपी अपने संगठन को मजबूत करने का काम कर रही है। बीजेपी ने विपक्षियों पर परिवादवाद का आरोप लगाती है और जनता से वोट मांगती है। विकास के नाम मोदी ने वोट मांगा तो जनता ने दिल खोलकर मोदी को वोट दिया और उसका असर देखने को मिला कि दुनिया में भारत का दम इतना बढ़ा है कि पीएम मोदी के फैसले पर पूरी दुनिया की निगांहे टिकी रहती है। बीजेपी को 2019 के चुनावों में 22 करोड़ से ज्यादा वोट मिले थे जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
