राजस्थान में लगातार पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। बीजेपी नेताओं और कार्यकताओं ने सीएम हाउस का घेराव करने के लिए लिए निकले तो पुलिस ने सिविल लाइंस फाटक के पास ही रोक लिया। इस बात को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की हुई और भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन चलानी पड़ी। इससे पहले बीजेपी मुख्यालय के बाहर जनसभा हुई।
जयपुर के विरोध प्रदर्शन में युवा मोर्चे के आह्वान पर प्रदेश भर के युवा जयपुर आए। पहले यह कार्यक्रम विधानसभा घेराव के तौर पर होना था, लेकिन एक दिन पहले ही विधानसभा को स्थगित कर दिया गया, इसलिए चार मार्च को मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया। इसमें बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। दावा किया गया कि पचास हजार से भी ज्यादा कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों को प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ आदि ने संबोधित किया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में हर परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से युवा वर्ग में आक्रोश है।
मोनू मानेसर एक सच्चा गौ भक्त - वीरेंद्र गोठड़ी
भाजपा नेताओं का कहना है कि अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अब अंतिम सांसें गिन रही हैं। बजट में जो घोषणाएं की गई है उनकी क्रियान्वित संभव नहीं है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के शासन को देख चुकी है और अब नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलना तय है।
