राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने बड़ा दाव खेलते हुए प्रदेशाध्यक्ष ही बदल दिया है और अब नए प्रतिपक्ष के ऐलान करने की तैयारी हो गई है। इस पद के लिए किसी दलित चेहरे पर दाव खेलने की तैयारी है क्योंकि पूनिया को अब दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है इस बात का संकेत पहले ही मिल गया था।
असम के राज्यपाल बनने के बाद कटारिया की जगह यह जिम्मेदारी किसको दी जाए इसको लेकर बहुत चर्चा हुई है। लेकिन अब फैसला हो गया है और जल्द ही नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। राजस्थान बीजेपी के प्रभारी अरुण सिंह ने कहा है कि 2 दिन में पार्टी विधायकों की बैठक आयोजित होगी और इसमें विधायकों की राय के आधार पर नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान किया जाएगा। हालांकि अरुण सिंह ने फैसला पार्टी विधायकों पर छोड़ा है लेकिन अंतिम निर्णय दिल्ली हाईकमान द्वारा किया जाएगा।
राजस्थान बीजेपी के प्रभारी अरुण सिंह ने कहा. कांग्रेस के ही मंत्री कहते हैं कि अगर अब भी कांग्रेस नहीं सुधरी तो वह फॉर्च्यूनर में बैठने जितने कांग्रेस के विधायक भी चुनाव नहीं जीत सकेंगे। बीजेपी में भी पूनिया के अध्यक्ष बनने के बाद से गुटबाजी थी लेकिन इस गुटबाजी को खत्म करने के लिए जोशी को अध्यक्ष बनाया गया है जो चुनावों में बहुत ज्यादा कारगर साबित होगा। वहीं बात करें कांग्रेस की तो पायलट और गहलोत की जंग में कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
