जब 2015 में बिपिन रावत लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर थे तब भी दिमापुर से रावत अपने चीता हेलिकॉप्टर में निकले थे। लेकिर कुछ देर बाद उनका विमान का नियंत्रण खो गया और हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। हालांकि, उस वक्त उन्होंने मौत को मात देकर जिंदा बचे थे।
1993 में रावत सेना में यूनिट 5/11 गोरखा राइफल्स के मेजर थे इस दौरान पाकिस्तान की ओर से हो की गयी गोलीबारी में उनको गोली लगी थी। लेकिन इस हादसे में भी वह मौत को चकमा देकर जिंदा बचे थें। इसके बाद लगा की रावत सेना से दूर हो जाएंगे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जल्द स्वस्थ होकर सेना की कमान संभाली।
