Monday, 5 October 2026
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कृषि कानूनों के बाद उठने लगी CAA और धारा 370 को रद्द करने की मांग

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कृषि कानूनों के बाद उठने लगी CAA और धारा 370 को रद्द करने की मांग
पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरु पर्व और कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा कर दी है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से क्षमा मांगते हुए कहा कि हमारी तपस्या में कसर रह गयी और हम किसानों को इस बिल के बारे में समझा नहीं सकें। उन्होंने कहा कि गुरुनानक देव का पवित्र पर्व दिन है और सभी ​किसानों से अपील की है वह इस पर्व के मौके पर अपने घर लौट जाएं। इन कानूनों को रद्द करने के साथ कई लोगों ने सोशल मीडिया पर CAA और धारा 370 को रद्द करने की मांग उठानी शुरू कर दी है।

CAA
2019 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन होने के साथ कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन भी हुआ था। इस कानून को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था और इस कानून से मुस्लिम लोगों को देश से बाहर करने की योजना बताई थी। इस कानून को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि यह कानून किसी भी मुस्लिम की नागरिकता को खत्म नहीं करेगा बल्कि नागरिकता संशोधन कानून 2019 में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी धर्मों के प्रवासियों के लिए नियम को आसान बनाया गया है। 

इस कानून के तहत नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम पिछले 10 साल से ज्यादा तक भारत में रहने के दस्तावेज मांगे जाएंगे। अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए इस कानून को बनाने की बात कही गयी थी। लेकिन शाहिन बाग में लोगों ने मुख्य सड़क पर कब्जा जमाकर इसका विरोध करना शुरू कर दिया था लेकिन कोरोना के कारण कोर्ट ने इस आंदोलन को खत्म करने और सड़क खाली करने के आदेश दिया था। इसके बाद यह आंदोलन खत्म हो गया लेकिन किसान बिल के खत्म होने के साथ एक बार फिर इसकी मांग उठने लगी है।

धारा-370 

मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से संविधान की धारा-370 हटाने का ऐतिहासिक फैसला किया था। इस फैसले के बाद पूरा विपक्ष मोदी सरकार पर नेताओं को नजरबंद करने और तानाशाही होने के आरोप लगाये थे। लेकिन बीजेपी ने इस बात को यह कहकर विपक्ष को जवाब दिया कि धारा 370 उनके चुनावी घोषणा पत्र में था इसे लागु करने वाले भी इसको खत्म करने की बात कहकर गये थे। लेकिन किसी भी दल ने अपने स्वा​र्थ के कारण इसको नहीं हटा सका और इसके कारण इस प्रदेश को कुछ चंद लोगों ने अपना घर बना लिया और जमकर पैसा कमाया है। लेकिन किसान बिल खत्म होने के साथ ही सोशल मीडिया पर धारा 370 बहाल करने की मांग उठने लगी है।