राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाके के नीचे जिस तरह से उनके विधायकों ने दिल्ली आलाकमान को चुनौती दी है उसके बाद पहली बार वह सोनिया गांधी से पहली बार मुलाकात करने दिल्ली गए है। इस मामले में गहलोत करीबी शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के नोटिस जारी किए हैै।
इन सब बातों को लेकर गहलोत अपनी बात सोनिया के सामने रखेंगे और इस मुलाकत पर पूरे देश की नजर टीकी हुई है। क्योंकि इस घटनाक्रम से पहले लग रहा था कि गहलोत अध्यक्ष बनेंगे और पायलट को सीएम बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसके कारण दिल्ली आलाकमान की परेशानी बढ़ी है।
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सूत्रों के अनुसार पायलट के नाम पर आलाकमान का फैसला कितना स्थिर रहेगा यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन गहलोत आज सोनिया गांधी के सामने क्या स्टैंड लेते हैं उसको लेकर कई प्रकार की चर्चा हो रही है। गहलोत ने कहा घर की बातों को सुलझा लिया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद गहलोत गुट विधायकों ने आलाकमान के साथ होने का दावा किया है जिसके कारण गहलोत गुट को झटका लगा है। अगर इस घटनाक्रम के बाद भी कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया जाता है तो यह बात सबको हैरान करेगी की सीएम गहलोत के आगे आलाकमान बेबस है। पायलट ने लंबे समय तक उनकी बात मानी है लेकिन इसके बाद भी उनको कुछ नहीं मिला तो यह आने वाले दिनों में बहुत कुछ बदल सकता है।
