भारत में बाल दिवस की शुरूआत 1964 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद से मनाया जाने लगा और आज भी यह दिवस बड़े उत्तसाह के साथ मनाया जा रहा है।
इस दिन सभी स्कूलों में बहुत अच्छे कार्यक्रम होते है और आने वाली पिढ़ी को बताया जाता है देश की आजादी में नेहरू जी किस तरह का योगदान दिया और वह बच्चों को ही देश का असली खजाना मानते थे।
नेहरू जी ने बच्चों के विकास, उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर कई योजनाएं बनाई जो उनके बेहतर भविष्य के लिये जरूरी थी। हमें भी बाल दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों के प्रति जागरुकता फैलानी चाहिए और बच्चों को भी बताना चाहिए की उनका भविष्य में कितना बड़ा योगदान होगा।
नेहरू देश के पीएम पद होते हुए भी बच्चों से मिलते समय उनके साथ घुल मिल जाते और बच्चों तभी उनको प्यार से चाचा बुलाते थे। उनका यही प्यार आज भी बच्चों के दिलों में बसा हुअ है और उनकी याद में हर साल उनकी यादें जाग उठती है।
