25 दिसंबर को क्रिसमस का त्योहार बड़ी धूमधाम से मानाया जाता है और इस त्योहार को मनाने के पीछे की वजह सभी लोग जानते हैं। लेकिन इस दिन सांता क्लॉज का विशेष महत्व रहता है और सभी लोग अपने आपको सांता क्लॉज बनाने का प्रयास करते है। सांता क्लॉज के बिना यह त्योहार किसी काम का नहीं है लेकिन कई लोगों को सांता क्लॉज के बारे में यह तक पता नहीं है कि यह किस कारण से लोगों को पंसद आता है। सांता क्लॉज के कपड़े लाल रंग के होते है और उसके पास एक थैला होता है जिसमें कई प्रकार के गिफ्ट होते हैं।
सांता क्लॉज कोई भगवान नहीं है बल्कि एक संत थे जिनका नमा निकोलस बताया जाता है। यह संत अपने समय में बच्चों की सहायता करते थे और उनको गिफ्ट देकर खुश कर देते थे। इसी वजह से उनकी लोकप्रियता बढ़ी और आज के समय में उनको संत की जगह सांता क्लॉज के नाम से जाना जाने लगा। सांता क्लॉज की सवारी बारहसिंगा को बताया जाता है।
सांता क्लॉज बच्चों के मोजे में भी गिफ्ट रखने की वजह भी संत निकोलस ही थे। वह गरीब बच्चों की सहायता के लिए चुपके से उनके मौजों में पैसे या छोटा सा गिफ्ट रख देते थे और इसी वजह से घरों के बाहर मोजे टांगने की परंपरा शुरू हुई। लाल कपड़े के पीछे लोगों की पंसद है पहले सांता क्लॉज कई रंग के कपड़े पहनते थे लेकिन अब केवल लाल रंग ही इस्तेमाल होता है।
क्रिसमस शब्द का जन्म क्राइस्ट मास शब्द से हुआ और सबसे पहले 336 ई. में रोम में क्रिस्मस डे मनाना शुरू हुआ था। इस दिन लोग एक-दूसरे को तोहफे देते हैं और पार्टी करते हुए Merry Christmas कहते है। इस दिन सांता क्लॉज को बहुत ज्यादा याद किया जाता है और क्रिसमस ट्री को बहुत अच्छे से सजाया जाता है।
