राजस्थान में इन दिनों जातिवाद के नाम पर जमबर राजनीति हो रही है और अब इस जंग में प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अधिकारी के वॉट्सऐप ग्रुप में भी इस प्रकार की घटना देखने को मिली है। राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस, एसोसिएशन का ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप है जिसमें प्रदेश के 500 से ज्यादा RAS जुड़े हुए हैं।
कल रात इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के जॉइंट सेक्रेटरी केसरलाल मीणा ने इस ग्रुप पर एक विवादित मैसेज फॉरवर्ड कर दिया जिसके कारण जमकर बवाल होना शुरू हो गया। इस मैसेज में हिंदू धर्म के देवी देवताओं का अपमान किया। हनुमानजी को बंदर,देवताओं को रेपिस्ट बताया तो कई अफसर इस मैसेज के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जताते रहे।
विवाद बढ़ता देख केसरलाल ने मैसेज डिलीट कर ग्रुप पर लिखा क्षमा गलती से फारवर्ड हो गया है और ग्रुप से लेफ्ट हो गए। इस मामले में आने वाले दिनों बड़ा हंगामा हो सकता है और मामला अब थाने तक पहुंच सकता है। लेकिन इतने पढे़ लिखे लोग इस प्रकार की बाते करते है तो सवाल खड़ा होता है कि आम इंसान इन सब से कैसे बच सकता है। अगर इस प्रकार का कोई जुर्म करता है तो उसके खिलाफ कई धाराओं में कैस दर्ज होता है और नौकरी जाने के साथ 3 साल की सजा हो सकती है।
