Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

डूबती नैया को बचाने के लिए झीलों की नगरी में कांग्रेस का मंथन,लेंगे बड़े फैसला 

आपणो राजस्थान
डूबती नैया को बचाने के लिए झीलों की नगरी में कांग्रेस का मंथन,लेंगे बड़े फैसला 

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इन दिनों अपने वजूद को बचाने के लिए लड़ रही है और मौजूदा समय में कांग्रेस केवल अपने दम पर 2 राज्यों में ही सरकार चला पा रही है। कांग्रेस के लिए अभी कुछ सही नहीं हो रहा है अध्यक्ष को लेकर दिग्गज नेता सवाल खड़े करते है तो इस बात का बीजेपी मजाक बनाती है। मोदी सरकार बनने के बाद से कांग्रेस की नैया डूबती ही जा रही है और इसको बचाने के लिए राजस्थान के उदयपुर में 3 दिन का चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है।

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इसके माध्यम से एकजुटता दिखाने का प्रयास किया जाएगा और बीजेपी के साथ विपक्षी दलों को संदेश देना का प्रयास करेगी। लगातार हार के बाद कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान होनी शुूरू हो जाती है और इसी वजह से पार्टी कमजोर होती जा रही है। पिछले कुछ सालों में कांग्रेस का जनाधार तेजी से घट रहा है और इसी वजह से उसका परम्परागत वोट भी खिसक गया है।

कांग्रेस राजस्थान को सबसे मजबूत गढ़ के तौर पर देख रही है और इस बार कांग्रेस की फिर सरकार बनाने के लिए एकजुटता दिखाने का प्रयास कर रही है।  चिंतन शिविर से पहले जयपुर में कांग्रेस महंगाई के खिलाफ महारैली भी कर चुकी है। 


मुख्यमंत्री  गहलोत ने स्वंय शिविर की तैयारियों का जायजा लिया है। 13 से 15 मई तक होने वाले शिविर की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका गांधी भी शामिल होंगे। कांग्रेस के चिंतन शिविर के लिए 400 से ज्यादा कमरे बुक हैं तो सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी ताज अरावली में रूकेंगे। राजस्थान में पायलट और गहलोत की तनातनी फिर से बढ़ने लगी है तो इस शिविर में दोनों को लेकर बड़ा फैसला किया जा सकता है।