2 साल में कोरोना की तीन लहर आने के बाद अब चौथी लहर आने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। भारत में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा कम हुआ था लेकिन अप्रैल के शुरूआती दिनों में ही कई राज्यों में कोरोना के नए केस तेजी से बढ़ने लगे है। कोरोना की चौथी लहर आने की भविष्यवाणी बहुत पहले ही कर दी गयी थी और नए मरीजों का तेजी से बढ़ता ग्राफ देखकर लग रहा है कि जल्द ही चौथी लहर शुरू होने वाली है।
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पिछले एक हफ्ते में मिले कोरोना के नए केस की तो गुजरात में 80%, हरियाणा में 45% और दिल्ली में 25% तक बढ़े हैं। गुजरात में एक व्यक्ति में कोरोना के नए XE वैरिएंट से संक्रमित होने का मामला भी सामने आया है। केंद्र सरकार ने भी चीन और अमेरिका में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए के 5 राज्यों को चेतावनी जारी की है। स्वास्थ्य सचिव ने दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र और मिजोरम को सतर्कता बढ़ाने और गंभीरता से जांच करने को कहा है।
IT कानपुर ने जून में चौथी लहर आने का अनुमान जताया है और इसी वजह से सरकार ने अब सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। नया वैरिंएट XE ओमिक्रॉन के ही दो सब-वैरिएंट से बना है, ऐसे में देश में XE वैरिएंट के केस पहले ही मौजूद होने की बात भी कही जा रही है।केंद्र सरकार ने चौथी लहर के खतरे को देखते हुए अब 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए बूस्टर डोज लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के 80 से 10 महीने के बाद एंटीबॉडी कम होने लगती है और इस बात को ध्यान में रखते हुए ऐसे एंटीबॉडी बनाए रखने के लिए कोरोना की बूस्टर डोज लगाने का फैसला किया है। जून के अन्त में चौथी लहर शुरू हो सकती है जो 25 अगस्त तक पीक पर पहुंचेगी और फिर कम होती चली जाएगी।
