Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

देवर की दिल्लगी में पति को उतारा मौत के घाट

क्राइम
देवर की दिल्लगी में पति को उतारा मौत के घाट

कई बार दिल्लगी के सामने शादी के सात फेरे भी फीके पड़ जाते हैं। शादी के पवित्र बंधन पर खून के दाग लग जाते हैं। ऐसी ही एक कहानी है, जिसमें रिश्तों का खूनी खेल खेला गया। जिस पति की लंबी उम्र के लिए कभी जिस औरत ने  करवाचौथ का व्रत रखा था, उसी ने अपने ही पति की सांसों की डोर काट दी। आखिरी वक्त में उसने अपनी जान बचाने के लिए जिससे गुहार लगाई थी, फोन कर मदद मांगी थी लेकिन वही पत्नी बेवफा निकली. पत्नी को फोन करके वो गोली के घाव झेलते हुए भी मदद की उम्मीद में था, पर मदद करने वो नहीं पहुंची। अगर वहां कोई पहुंचा तो वही बदमाश थे जो थोड़ी देर पहले ही गोली मारकर भागे थे। वो फिर से हमला करते हैं, लेकिन इस बार गोली खत्म हो चुकी थी..तो चाकुओं से मारा और तब तक मारा जब तक की सांसें थम नहीं गई। यह कहानी है बिहार के किशनगंज के पप्पू गुप्ता और उनकी पत्नी प्रीति गुप्ता की जिनके बीच तीसरा वो आ गया। दरअसल शादी के कुछ समय बाद देवर राजू गुप्ता और प्रीति की मुलाकात हुई थी। इसी बीच, देवर राजू अपने गांव से किशनगंज जब इनके घर आया था तब भाभी प्रीति को नर्सिंग कोर्स कराने के लिए एक या दो बार मेडिकल कॉलेज तक छोड़ने गया था। पप्पू गुप्ता मेडिकल कॉलेज में प्लंबर था, वो अपनी पढ़ी-लिखी पत्नी को नर्सिंग का कोर्स कराना चाहता था और  उसी के लिए उसने प्रीति का मेडिकल कॉलेज में दाखिला भी कराया।

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कई बार राजू प्रीति को छोड़ने भी गया था, लेकिन बाहरी दुनिया को ये पता नहीं था कि दोनों के बीच सिर्फ देवर-भाभी का ही रिश्ता नहीं है बल्कि दोनों उस रिश्ते की डोर को काफी पहले लांघ चुके थे। दोनों के बीच वो रिश्ते बन चुके थे जो मर्यादा के खिलाफ थे। इसी बीच, पप्पू गुप्ता को दोनों के रिश्तों पर शक हो गया था। इसलिए पप्पू अब सवाल करने लगा था, और यही सवाल अब प्रीति को सौतन की तरह चुभने लगे थे। इस चुभन को प्रीति हमेशा के लिए खत्म करना चाहती थी, इसलिए फोन पर ही देवर से प्रेमी बने राजू से कहकर सुपारी किलर से बात की। अपने ही मांग के सिंदूर को हमेशा के लिए उजाड़ने के लिए उसने सुपारी किलर से सौदा किया और ये सौदा पूरे 1 लाख रुपये में तय हुआ, एडवांस में करीब 20 हजार रुपये भी दे दिए गए। अब बारी थी उस रात की जब ड्यूटी से पप्पू गुप्ता घर लौटे, प्रीति ने 26 जुलाई की तारीख खुद को विधवा करने की मुकर्रर की। यानी एक शादीशुदा औरत ने मांग से सिंदूर को हमेशा के लिए मिटाने के लिए खुद ही सुपारी दी। अब तय तारीख पर ड्यूटी पूरी कर पप्पू ने बीवी को कॉल किया, और कहा कि  वो घर आ रहा है लेकिन प्रीति तो उसे खत्म करना चाहती थी और बाकी की ज़िंदगी सुख चैन से देवर राजू के साथ बसर करना चाहती थी। प्रीति ने पप्पू की इनफार्मेशन आगे राजू को पास कर दी और राजू ने सुपारी किलर्स को। पप्पू के रास्ते में सुपारी किलर्स घात लगाए बैठे थे जैसे ही पप्पू किलर्स तक पहुँचा सुपारी किलर्स ने पप्पू को रोका और उसे गोली मार दी।


गोली लगने से घायल पप्पू सड़क पर दर्द से कराहता रहा चीखता रहा और फिर एक दम से जैसे सब शांत हो गया किलर्स गाड़ी मोड कर वहां से चले जाते फिर अचानक ही पप्पू को होश आता है वो प्रीति को फोन करके कहता है कि मुझे गोली लगी है बचा लो मुझे..लेकिन प्रीति पुलिस या एम्बुलेंस को फोन करने के बजाये प्रेमी राजू को फोन करके फटकारती है और बोलती है की अभी तक वो जिंदा है, वो आज जिंदा बचना नहीं चाहिए। यही खबर राजू द्वारा किलर्स को दी जाती है, सुपारी किलर तुरंत गाड़ी वापस मोड़ते हैं फिर से वहीं पहुंचते हैं जहां मदद की आस में पप्पू गुप्ता चीख रहा था।  पर अब इन किलर के पास गोली नहीं थी, इसलिए उन्होंने अब चाकू निकाला और पप्पू को तब तक मारते रहे जब तक की उसकी मौत नहीं हो गई।पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि पप्पू गुप्ता को गोली मारने के साथ चाकू से भी कई बार हमला किया गया था, ऐसे में पुलिस की जांच में नया मोड़ आया। क्योंकि अगर कोई लूटपाट के इरादे से हमला करता तो सिर्फ गोली मार देता, गोली मारने वाले को चाकू मारने की जरूरत क्या थी। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि घटना के दौरान मौके पर स्कॉर्पियो गाड़ी को देखा गया था। अब उस स्कॉर्पियो गाड़ी के नंबर का पता लगाया गया, इस नंबर के जरिए ये पता चला कि जिसकी वो गाड़ी थी उसने किसी सुपारी किलर को कुछ घंटे के लिए दी थी। पुलिस ने उस गाड़ी वाले के फोन की कॉल डिटेल निकाली और सर्विलांस की मदद से कई नंबरों की जांच की तब बड़ा सुराग मिला। असल में ये सुराग मरने वाले पप्पू गुप्ता के गांव के रिश्ते के भाई राज कुमार गुप्ता उर्फू राजू गुप्ता से जुड़ा था। अब इसकी पड़ताल की गई तब बेवफा बीवी का नाम सामने आया। किशनगंज पुलिस ने इस खूनी खेल का खुलासा करते हुए घटना वाले दिन दहाड़ मारकर पति की मौत पर रोने और आंसू निकालने वाली बीवी प्रीति गुप्ता, इसके प्रेमी राज कुमार गुप्ता उर्फ राजू और एक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया।