जालोर में छात्र की पिटाई के बाद हुई मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में जबरदस्त प्रदर्शन किया जा रहा है तो वहीं कांग्रेस के विधायक और पार्षद इस घटना के बाद इस्तीफे दे रहे हैं। दलित छात्र की मौत के बाद कई सामाजिक संगठन उचिम मुआवजा और परिवार के लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे है।
लेकिन इस मामले में सरकार की परेशानी तब बढ़नी शुरू हो गई जब सरकार के विधायक और मंत्री सरकार के खिलाफ खड़े हो गए है। सरकार को डर लगने लगा तो उन्होंने इस मामले को लेकर अपने कई मंत्रियों को जालौर भेज दिया है। गहलोत सरकार के कई मंत्री जालोर में ही कैंप लगाकर बैठ गए है और वहीं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी मृतक छात्र के परिजनों से मुलाकात करके उन्हें सांत्वना देंगे।
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इससे पहले टीकाराम जूली, ममता भूपेश, भजन लाल जाटव, सुखराम बिश्नोई और प्रताप सिंह खाचरियावास ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करके उन्हें हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद दलितों में बढ़ती नाराजगी सरकार के लिए परेशानी बनते देख सरकार ने हर मांग को पूरा करने की तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री गहलोत को भेज दिया है।
कांग्रेस विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने 5 लाख की आर्थिक सहायता को कम बताया है तो अन्य नेताओं ने भी इसको लेकर सवाल खड़े किए है। एससी आयोग के चेयरमैन खिलाड़ी लाल बैरवा ने भी घटना के लेकर नाराजगी जताई और आर्थिक सहायता पर भी सवाल खड़े किए है।
जालोर के सुराणा गांव में एक निजी स्कूल में एक दलित छात्र की ओर से मटके से पानी पीने पर शिक्षक ने छात्र की बेहरमी से पिटाई की जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जयपुर में भी लगातार प्रदर्शन हो रहा है और विधानसभा के पास 4 लोग पानी की टंकी पर चढ़कर मांगों को जल्द पूरा करावाने के लिए दबाव बना रहे हैं।
