गुलेरिया ने कहा कि टीके से इस वायरस को रोकने और मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की स्थिति में बचने वालों का आंकड़ा ज्यादा रहा है। समय रहते अस्पतालों में बड़ी संख्या में लोगों के भर्ती होने से बड़ी लहर की संभावना दिनों—दिन कम होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर के मुकाबले तीसरी लहर आने की धीरे—धीरे खत्म होती जा रही है। हालाकी समय के साथ महामारी स्थानीय बीमारी के रूप में रह जाएगी। कोरोना का टीका इस वायरस पर बहुत कारगर साबित हुआ है। लोगों को फिर भी सावधानी रखने की आवश्यकता है। महामारी से लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है और स्वास्थ्य संबंधी ढांचा भी मजबूत हुआ है। कोरोना के कारण आज भी कई देशों को लॉकडाउन से गुजरना पड़ रहा है और इस खतरनाक वायरस से पूरी दुनिया की परेशान है।
कोरोना की तीसरी लहर पर कई लोगों का मानना है कि इसका असर बच्चों पर ज्यादा होगा। भारत इस साल के अंत तक बच्चों को भी वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर देगा। भारत कई देशों का कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध करवा रहा है।
