बाबा श्याम का लक्की मेला अपने परवान पर है और इस बार मंदिर कमेटी और प्रशासन ने पिछले साल हुए हादसे से सबक लेते हुए इस बार बहुत अच्छी व्यवस्था की है। इस बार प्रशासन के साथ मंदिर कमेटी ने भी श्रद्धालुओं के लिए पलक पावड़े बिछा दिए और श्याम भक्तों को इस बार किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। इस बार 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद भी किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं देखने को मिली जो बहुत ही बड़ी कामयाबी है।
खाटूश्यामजी के दर्शन कर लौट रहे 4 श्रद्धालुओं की मौत
रींगस से खाटू श्याम जी तक का 16 किलोमीटर का सड़क मार्ग श्याम भक्तों से भरा हुआ है। खाटू नगरी में हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा का जयघोष से भक्तों में अलग ही प्रकार का जोश देखने को मिल रहा है। एकादशी को बाबा श्याम नीले घोड़े पर बैठकर अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते है। इस बार बाबा के दर्शन करने में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है और अच्छे से दर्शन हो रहे हैं।
बाबा के दर्शन करने से ही लोगों की समस्याएं खत्म हो जाती है और कई लोगों की अपनी मनोकामनाएं पूरी होती है। देश ही नहीं विदेश से भी लोग बाबा के दर्शन करने पहुंच रहे है। लगभग 15 दिन तक चलने वाले इस मेले का प्रबंधन बहुत ही शानदार है। 22 फरवरी से शुरू हुआ मेला 4 मार्च को द्वादशी के दिन पूरा हो जाएगा। मेले में इस बार 100 से ज्यादा रोडवेज बसों को लगाया गया है। भक्तों की सेहत का ध्यान रखने के लिए जगह जगह चिकित्सा कैंप तो खाने के लिए 200 से ज्यादा भंडारे संचालित है।
