फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन कराने वाली दुनिया की सबसे बड़ी संस्था फीफा ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ पर बड़ी कार्यवाही करते हुए बैन लगा दिया है। इसी वजह से इस दिन को भारतीय फुटबॉल का काला दिवस कहा जा रहा है। क्योंकि भारत इस साल अक्टूबर में होने वाला वीमेंस अंडर17 फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी करने की तैयारी में लगा हुआ था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा जो बहुत बड़ा झटका है।
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इस फैसले के बाद भारतीय फुटबॉल टीम किसी भी प्रकार इंटरनेशनल इवेंट में भाग नहीं ले पाएगी। फीफा ने बैन लगाते हुए साफ शब्दों में कह दिया है कि निलंबन तुरंत प्रभाव से लागू होगा और यह बैन तब हटेगा जब अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ अपनी कार्यकारी समिति की घोषणा करेगा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति ने चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है और 28 अगस्त को चुनाव होंगे। लेकिन उससे पहले इस प्रकार का बैन लगना खिलाड़ियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
भारतीय खेल मंत्रालय फीफा से लगातार संपर्क में है और सकारात्मक परिणाम को लेकर बात कर रहा है। यह विवाद ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी नेता प्रफुल पटेल से जुड़ा हुआ है। भारत के स्पोर्ट्स कोड के अनुसार कोई भी व्यक्ति 3 बार से ज्यादा अध्यक्ष नहीं बन सकता लेकिन प्रफुल्ल पटेल राज्य संघों के साथ मिलकर चुनाव की प्रकिया को बाधित कर रहे हैं। भारत को 11 से 30 अक्टूबर तक फीफा महिला अंडर17 विश्व कप की मेजबानी करनी है और डूरंड कप 16 अगस्त से कोलकाता में शुरू होगा।
