Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

वर्दी ने बुझा दिया कुलदीपक...फेंका चलती ट्रेन से बाहर

क्राइम
वर्दी ने बुझा दिया कुलदीपक...फेंका चलती ट्रेन से बाहर

मुंबई से सवार हुआ था वो ट्रेन में...तैयार था अब घर जाने को...आखिर घरवालों के साथ दिवाली जो मनानी थी, लेकिन वर्दी के दो ठेकेदारों ने वर्दी की अकड़ में उसकी जान ले ली।

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मुंबई में रुपये-पैसे कमाने गया एक युवक जो दिवाली पर झारखंड अपने दो साथियों के साथ घर लौट रहा था, उसकी दो GRP जवानों द्वारा चलती ट्रेन से फेंके जाने से मौत हो गई। दरअसल युवक मुंबई से हावड़ा मेल में सवार होकर झारखंड जा रहा था, ट्रेन छूट न जाए इसीलिए उसने बिना टिकट ही ट्रेन में चढ़ जाने का फैसला किया। टीटी के आने पर उसने जुर्माना देकर टिकट भी बनवा ली, लेकिन कुछ देर बाद ट्रेन छीवकी स्टेशन पहुंची तो दो जीआरपी जवान बोगी में आए और युवकों से टिकट दिखाने की मांग करने लगे। टीटी द्वारा दिए गए टिकट को दिखाने पर दोनों जवानों ने उसे वैध नहीं माना और सिरे से इनकार कर दिया। आरोपी सिपाहीयों द्वारा 200 रुपयों की मांग की गई थी, काफी बहस के बाद युवकों ने जवानों को 200 रुपये दे दिए। 

कुछ देर की गरमा-गर्मी के बाद जवान तीनों युवकों से धक्का-मुक्की करने लगे और देखते ही देखते मृतक युवक को चलती ट्रेन से जोर से धक्का मार कर बाहर फेंक दिया। उस वक्त ट्रेन ऊंचडीह रैलवे स्टेशन से गुजर रही थी, ट्रेन से फेंके जाने पर युवक सीधा पटरियों से जा टकराया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तुरंत चैन पुलिंग की गई लेकिन ट्रेन काफी आगे जा चुकी थी, ट्रेन सीधा विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर रुकी और जब घटना स्थल पर पुलिस पहुंची तो पटरियों पर युवक की खून से लथपथ लाश पड़ी थी, मृत युवक के सिर से बेतहाशा खून बह रहा था और पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे।

पुलिस ने दोस्तों के द्वारा लिखित शिकायत के आधार पर दोनों आरोपी सिपाहीयों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और भ्रष्टाचार के मामले में रिपोर्ट दर्ज की और उन्हे बनारस कोर्ट में पेश किया गया और दोनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर नौकरी से बर्खास्त कर जेल भेजा दिया गया।