राजनीति के जानकारों की मानें तो आज की मुलाकत में यह तय होगा कि मौजुदा मंत्रियों में किस का पत्ता कटेगा और किस को मंत्री पद मिलेगा। इस बैठक के बाद जल्द ही इस बात की घोषणा हो सकती है कि मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा और इस विस्तार के बाद पायलट—गहलोत गुट की लड़ाई थोड़े समय के लिए शांत हो जाए।
आइये जानते है नये मंत्रिमंडल में किस का कटेगा पत्ता तो किसको मिलेगा मौका
नये मंत्रिमंडल में सबसे पहले उन मंत्रियों को हटाया जा सकता है जो मौजादा समय में एक साथ दो पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे पहला नाम पीसीसी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का है और उन्होंने पहले भी यह बयान दिया था कि वह ज्यादा दिनों तक इस पद पर नहीं रहने वाले है। इसके बाद गुजरात प्रभारी रघु शर्मा को भी इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलेगी क्योंकि वह भी एक साथ दो जिम्मेदारी संभाल रहे हैं इसकी वजह से वह गुजरात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इसके बाद हरीश चौधरी को भी पंजाब कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया है इस वजह से उनको भी मंत्री मंडल में जगह नहीं मिलेगी। इसके साथ मौजूदा मंत्रियों के कामकाज के आधार पर भी कद बढ़ाया या घटया जा सकता है। इस बार अशोक चांदना का बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
पायलट गुट से इनको मिल सकता है मौका!
पायलट गुट से मुरारीलाल मीणा को मंत्रिमडंल में जगह मिल सकती है तो इसके साथ वेदप्रकाश सोलंकी का नाम भी इस दौड़ में बहुत आगे चल रहा है। हालाकि पायलट गुट से गजेंद्र सिंह शक्तावत के साथ बृजेंद्र सिंह ओला के नाम पर भी मोहर लग सकती है।
बसपा—निर्दलीय में से इनको मिल सकता है मौका!
पायलट गुट के बगावत के बाद कांग्रेस के तारण हार बने बसपा—निर्दलीय विधायकों को भी इस मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय है। इस लिस्ट में राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, बाबूलाल नागर, संयम लोढ़ा और संदीप यादव के नाम सबसे आगे है।
