पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान हो या पहले के दूसरे पीएम जब भी उनकी कुर्सी खतरे में आती है तो वह इसके आरोप भारत पर लगाते है। इन दिनों पाकिस्तान में जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है और पीएम इमरान को सत्ता से बाहर करने के लिए पूरा विपक्ष एक हो गया हैं। लेकिन पीएम इमरान ने इसकी वजह पीएम मोदी को बताई है और कहा है कि पूर्व पीएम मोदी के साथ कई बार मिले हैं।
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इस बात को पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में सरकार तो नाममात्र की वहां की सत्ता की असली चाबी सेना के पास है। इमरान की सरकार गिराने में भी इमरान का सबसे बड़ा हाथ है और सेना प्रमुख बाजवा ने इमरान को साफ शब्दों में सत्ता छोड़ने का आदेश दे दिया है।
लेकिन इसके बाद भी इमरान अपनी सरकार बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है और देश को संबोधित करते हुए इमरान खान ने साफ कहा दिया है कि वे आखिरी गेंद तक लड़ेंगे। इमरान खान को कुर्सी बचाने के लिए 172 वोटों की जरूरत है जो उनके पास नहीं है। विपक्ष का दावा है कि उनके पास 175 सांसदों का समर्थन प्राप्त है और प्रधानमंत्री ने अपना विश्वासमत खो दिया है। इमरान के जाने का समय आ गया है और रविवार तक उनकी सरकार गिर जाएगी और सेना प्रमुख बाजवा ने अपना नया पीएम भी तय कर लिया है। नया पीएम बाजवा की कठपुतली बनकर रहेगा।
शहबाज शरीफ- पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं जो पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के सह-अध्यक्ष है। शहबाज के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप होने के कारण उनका नाम बाजवा की लिस्ट में पहले नंबर पर नहीं है।
मरियम नवाज- नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का पीएम बनना लगभग तय माना जा रहा है। वह इमरान खान सरकार की आलोचना करती रही हैं और उन्होंने लगातार पीएम के खिलाफ हमले बोले है।
बिलावल भुट्टो- पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भी पाकिस्तान के नए पीएम हो सकते है। पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष हैं। इमरान खान पर अविश्वास प्रस्ताव लाने में सबसे बड़ा हाथ इसका माना जाता है।
