Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

मिशन 2024 पर उतरी जेजेपी, फतेहाबाद पहुंचे दुष्यंत चौटाला 

दिल्ली-NCR
मिशन 2024 पर उतरी जेजेपी, फतेहाबाद पहुंचे दुष्यंत चौटाला 

जेजेपी ने मिशन 2024 का बिगुल बजा दिया है। आज जेजेपी नेता एवं डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला फतेहाबाद पहुंचे और दिनभर 18 कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इस दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि चुनावी वर्ष आ रहा है और जेजेपी चुनावी अभियान में उतर चुकी है। समाजसेवी सतपाल अरोड़ा के निवास पर डिप्टी सीएम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पहले राजस्थान के चुनाव होंगे, फिर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होने हैं। राजस्थान में भी भाजपा से गठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं और पार्टी अपने स्तर पर भी तैयारी में जुटी है। सदस्यता अभियान भी शुरू कर दिया गया है। हरियाणा में गठबंधन के भविष्य संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी साढ़े 3 साल से इस गठबंधन को तुड़वा रहे हैं, लेकिन जितना कोशिश होगी, यह उतना ही मजबूत होगा।
 
अपने चाचा और इनेलो नेता अभय चौटाला की पैदल यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि निशान सिंह ने बताया है कि कोई पैदल तो चल ही नहीं रहा, पदयात्रा यदि गाडिय़ों पर हो रही है तो इस यात्रा का औचित्य ही क्या है? उन्होंने इनेलो-कांग्रेस के गठबंधन की चर्चाओं पर हंसते हुए कहा कि वे भी इस बारे में ही सुन ही रहे हैं। 
 

जंतर-मंतर पर खिलाडिय़ों के धरने पर डिप्टी सीएम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले भी पार्टी की स्टेटमेंट आ चुकी है कि केंद्र सरकार द्वारा इस मामले में जांच करवाई जा रही है, इसकी इंक्वायरी रिपोर्ट अभी आई नहीं है। रिपोर्ट आने से पहले ही धरने पर बैठे हैं तो सरकार को इस ओर काम करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि देश की सभी विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होने चाहिए, इससे समय बचेगा, रिसोर्सेज बचेंगे। साथ ही पांच साल बाद अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग समय पर चुनाव होते रहते हैं, अफसरों की ड्यूटियां भी लगती है। इसलिए चुनाव एक साथ होने चाहिए। 

सत्यपाल मलिक के बयानों पर डिप्टी सीएम ने कहा कि उनके बयान हरियाणा से संबंधित नहीं है, जो वे कह रहे हैं यदि ऐसी कोई बात है तो केंद्र को संज्ञान लेना चाहिए। ई-टेंडरिंग पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि आज अधिकतर ग्राम पंचायतों ने इसे अपना लिया है। यह सही है। हम भी एक पैसा अपने हाथों से नहीं देते, सारे काम टेंडर से होते हैं। पंचायत में पहले यह सामने आया है कि ठेकेदार पैसे लेकर चला जाता है और नतीजा सरपंचों को भुगतना पड़ता है, क्योंकि अथॉरिटी वे होते हैं, गड़बड़ी कोई और करे और सरपंच हर्जाना भुगते तो यह सही नहीं है। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह, जिला अध्यक्ष सुरेंद्र लेगा, कुलजीत कुलडिय़ा, राजीव बतरा, आत्मप्रकाश बतरा, कैलाश बतरा, प्रो. आनंद, डॉ.गुरचरण दास सहित अनेक लोग मौजूद थे।