रीट पेपर लीक मामले में अब कई बड़े लोगों के नाम सामने आते दिख रहे है और सरकार ने बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारौली को बर्खास्त कर दिया है। रीट भर्ती में पेपर लीक होने की जब खबर आने लगी तो यही जारौली जी ने नौकरी छोड़ने की बात कहते हुए पेपर आउट होने की घटना को गलत बताया था और बीजेपी को चुनौती दी थी। लेकिन बर्खास्त होने के बाद जारौली के तेवर बदल गए है और पेपर लीक के लिए बड़े नेताओं के साथ कई अधिकारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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जारौली ने दावा किया है कि पेपर लीक कांड बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता और इसका मतलब इस घटना में कई बड़े नेताओं का हाथ भी हो सकता है। बर्खास्त को लेकर कहा कि उनको इसके कारणों का पता नहीं है और वह जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर इसके बारे में बताएंगे। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि बर्खास्तगी के बाद जारौली पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
जारौली ने पहली बार पेपर लीक मामले को पूरी तरह से राजनैतिक षड़यंत्र करार दिया और उन्होंने कहा कि वह एसओजी की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। जब पेपर लीक हुआ है तो परीक्षा निरस्त करने में इतनी देरी क्यों हो रही है और अभ्यर्भी परेशान हो रहे हैं। जारौली ने कहा कि पेपर कहा से लीक हुआ इसकी जानकारी एसओजी से पहले से ही लोगों के पास थी। जारौली ने पहली बार लीक की घटना पर जवाब दिया लेकिन नेताओं पर ही इसका आरोप लगाया है। सीएम गहलोत रीट को लेकर किसी प्रकार सख्त है और जारौली के बाद बोर्ड के सचिव को भी बर्खास्त कर दिया है।
