गहलोत सरकार के ताकतवर और सबसे विश्वासपात्र जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने पहली बार मीडिया से रू-ब-रू होते हुए अपने बेटे पर लगे आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उतनी ही जानकारी है जितनी आप लोगो के पास है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और न्याय मिलेगा। मैं पूरे जीवन सत्य और न्याय पर रहा हूं, मैं आगे भी इसी मार्ग पर रहुंगा। इस बात को सभी लोग जानते है कि जोशी बहुत ही साफ छवि के नेता है लेकिन बेटे पर लगे आरोपों के बाद पहली बार उन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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गहलोत सरकार पहले ही कई प्रकार के आरोपों से घिरी हुई है लेकिन इस मामले ने फिर विपक्ष को हमला करने का मौका मिला है। जोशी बहुत ही ईमानदार नेता है और वह जल्द बड़ा कदम उठा सकते हैं। इस मामले में विपक्ष न्याय की मांग तो करेगा लेकिन मंत्री का इस्तीफा मांगेगा क्योंकि ऐसा नहीं करने पर जांच प्रभावित करने के आरोप लगाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जोशी जांच होने तक मंत्रिमंडल से अलग हो सकते हैं।
मंत्री के बेटे पर दिल्ली में में एक जीरो FIR दर्ज की गई है। इसमे रेप और ब्लैकमेलिंग के अलावा शारीरिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए है। दिल्ली से यह मामला सवाई माधोपुर के महिला थाने को भेजा दिया गया है। कांग्रेस सरकार में ऐसा पहली बार नहीं हुआ इससे पहले भी कांग्रेस विधायक के बेटे पर भी रेप के आरोप लग चुके है। लेकन जोशी सीएम गहलोत और उनकी सरकार की छवि खराब होने से बचाने के लिए बहुत बड़ा फैसाल ले सकते हैं। गहलोत सरकार पर जब भी कोई संकट आता है तो जोशी संकटमोचक बनकर संकट को दूर करते है लेकिन इस बार उनके बेटे के कारण ऐसा हुआ है तो वह बड़ा फैसला लेने में ज्यादा समय नहीं लेंगे।
