सबसे पहले टू प्लस टू वार्ता एस जयशंकर और सर्गी लेवरोव के बीच होगी इसके बाद पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात होगी। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर भारत से कई देश नाराज हो रहे है और इसमें अमेरिका भी शामिल है।अगर दोनों देशों के मध्य इस मिसाइल पर समझौता होता है तो भारतीय सेना की शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी। इस समझौते को लेकर कई देश भारत पर दबाव बना रहे हैं।
रूस ने चीन को पहले ही एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति कर चुका है और चीन को अब इसी बात का डर है कि अगर भारत भी इस सिस्टम को खरीद लेता है तो सबसे ज्यादा खतरा उसे होगा। ऐसे में चीन इस मुलाकत पर अपनी आंखे जमाये बैठा है। पुतिन और मोदी की दो साल बाद मुलकात होगी इससे पहले 2019 में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दोनों मिले थे। कोरोना को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा होगी और रूस भारत को कई अत्याधुनिक हथियार भी देगा।
