आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हरिद्वार में श्री कृष्ण निवास आश्रम और पूर्णानद आश्रम में ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद गिरी महाराज की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इस दौरान भागवत ने कहा कि अखंड भारत बनने का सपना जल्द ही पूरा होगा इसके लिए जनता के सहयोग की जरूरत है। उन्होनें कार्यक्रम में शामिल संतों से कहा, आप सभी संत है और आप से ज्यादा कोई नहीं जा सकता है।
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जब अमृत के लिए मंथन हुआ था तो सबसे पहले विष निकला था और सबसे पहले विश्व कल्याण के लिए शिव जी को उस विष का पान करना पड़ा था। इसके बाद रामायण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, लंका जाते वक्त हनुमान जी के सामने भी कई बाधाएं आईं थी लेकिन वे बाधाओं का निवारण करते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंच गए। जब से आरएसएस का निर्माण हुआ तब से अखंड भारत बनने का सपना देखा है।
भागवत ने सनातन धर्म को ही हिंदू राष्ट्र कहा है। वैसे तो 20 से 25 साल में भारत अखंड भारत होगा लेकिन अगर हम सब मिलकर थोड़ा ज्यादा प्रयास करेंगे तो स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद के सपनों का अखंड भारत 15 साल में ही बन जाएगा। अगर अखंड भारत बनने के सपने को किसी ने रोकने का प्रयास किया तो वह मिट जाएंगे। अखंड भारत का सपना बनने से कोई रोक नहीं सकता और जल्द दुनिया इस सपने को होते हुए अपनी आंखों से देखेगी।
भारत का उत्थान होना शुरू हो गया है और इस यात्रा में सभी को साथ आना चाहिए। कोई भी उसे रोकने का प्रयास कोई न करें जो साथ नहीं आना चाहते तो रास्ते में न आए और रास्ते से हट जाए। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत को अखंड भारत होने में ज्यादा समय नहीं बचा है। हम अहिंसा की बात कहेंगे पर हाथों में डंडा भी रखेंगे, क्योंकि दुनिया शक्ति के आगे झुकती है।
